फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   श्रीराम को मिला चौदह साल का वनवास

श्रीराम को मिला चौदह साल का वनवास

Tue, 19 Sep 2017 12:08 AM IST
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
श्रीराम को मिला चौदह साल का वनवास
फिरोजाबाद। श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को रामलीला मैदान में श्रीराम को वनवास लीला का मंचन देखने दर्शकों की भीड़ उमड़ी। राजसी ठाठ-बाट त्यागकर श्रीराम को वन जाते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन


आकर्षक, रंग बिरंगी झालरों से जगमगाते रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के साथ राजा दशरथ का दरबार लगा है। महारानी कैकई की दासी मंथरा कहती है कि आपको महाराज दशरथ से दो वरदान मांगने हैं। वरदान मांगने का अभी सुनहरा अवसर है।
विज्ञापन


मंथरा की सलाह पर महारानी कैकई कोप भवन में चली गईं। सूचना मिलने पर राजा दशरथ कैकई से मिलने कोप भवन पहुंचे। महारानी कैकई ने राजा दशरथ से पहले वरदान के रूप में भरत का राज्याभिषेक और वरदान में भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मांगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह सुनकर राजा दशरथ सदमे के कारण बेहोश हो गए। राजा दरशथ के बेहोश होने पर मैदान में सन्नाटा पसर गया। जब राजा दशरथ ने श्रीराम को मां कैकई द्वारा मांगे गए वरदान की जानकारी दी तो श्रीराम वन जाने को तैयार हो गए। श्रीराम ने मां की आज्ञा मानते हुए राजसी वस्त्र त्याकर वन जाने की तैयारी शुरू कर दी। श्रीराम के साथ माता जानकी और अनुज लक्ष्मण वन जाने लगे तो उनके पीछे अयोध्यावासी चल पड़े। लीला समाप्ति पर पात्रों की आरती उतारी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed