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बारिश शुरू, डूब क्षेत्र में बने मकान चिन्हित
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:30 PM IST
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डूब क्षेत्र में बने मकान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। बारिश आते ही अधिकारियों को डूब क्षेत्र में हुए निर्माण की याद आई है। किसी भी आपदा से बचने को नदी किनारे बने मकानों का प्रशासन ने चिन्हीकरण कराने का निर्णय लिया है। नदी किनारे आधा सैकड़ा से अधिक अवैध तरीके से निर्माण हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नदी किनारे डूब क्षेत्र में निर्माण करना प्रतिबंधित है। अधिकारियों की मिलीभगत से इस तरह के निर्माण में तेजी आ गई है। नदी किनारे डूब क्षेत्र में मकानों और दुकानों के निर्माण में तेजी आई है। अगर अधिक बारिश के कारण बाढ़ आ गई तो इन मकानों-दुकानों के साथ ही वहां रहने वालों को बड़ा नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही से लोग लगातार निर्माण करते जा रहे हैं। हैरत की बात यह है नदी किनारे कई ऐसे स्थानों पर भी निर्माण हुआ है जहां से अधिकारियों की गाड़ियां दिन में एक नहीं कई बार गुजरती हैं अगर बारिश हुई तो डूब क्षेत्र में नारकीय हालात बन जाएंगे।
दो दर्जन से अधिक निर्माण चिन्हित
डीएम के निर्देश पर राजस्व टीमों ने दो दर्जन से अधिक अवैध निर्माण चिन्हित किए हैं। निर्माण करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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अध्यक्ष प्रयास विनय सोती का कहना है कि ईशन नदी का स्वरूप वैसे ही बिगड़ता जा रहा है। अधिकारियों की शह पर ही डूब क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं। बिना नक्शा पास कराए किए गए निर्माणों को गिराने के साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।
डीएम यशवंत राव का कहना है कि डूब क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंधित और गैरकानूनी है। इस तरह के निर्माणों को चिन्हित कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अगर सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नदी किनारे डूब क्षेत्र में निर्माण करना प्रतिबंधित है। अधिकारियों की मिलीभगत से इस तरह के निर्माण में तेजी आ गई है। नदी किनारे डूब क्षेत्र में मकानों और दुकानों के निर्माण में तेजी आई है। अगर अधिक बारिश के कारण बाढ़ आ गई तो इन मकानों-दुकानों के साथ ही वहां रहने वालों को बड़ा नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही से लोग लगातार निर्माण करते जा रहे हैं। हैरत की बात यह है नदी किनारे कई ऐसे स्थानों पर भी निर्माण हुआ है जहां से अधिकारियों की गाड़ियां दिन में एक नहीं कई बार गुजरती हैं अगर बारिश हुई तो डूब क्षेत्र में नारकीय हालात बन जाएंगे।
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दो दर्जन से अधिक निर्माण चिन्हित
डीएम के निर्देश पर राजस्व टीमों ने दो दर्जन से अधिक अवैध निर्माण चिन्हित किए हैं। निर्माण करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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अध्यक्ष प्रयास विनय सोती का कहना है कि ईशन नदी का स्वरूप वैसे ही बिगड़ता जा रहा है। अधिकारियों की शह पर ही डूब क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं। बिना नक्शा पास कराए किए गए निर्माणों को गिराने के साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।
डीएम यशवंत राव का कहना है कि डूब क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंधित और गैरकानूनी है। इस तरह के निर्माणों को चिन्हित कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अगर सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।