{"_id":"594820184f1c1bde588b45d0","slug":"71497899032-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैप्टन हत्याकांड में दो को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैप्टन हत्याकांड में दो को उम्रकैद
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। कैप्टन आलोक हत्याकांड के दो आरोपियों को अपर जिला जज रामपाल सिंंह ने आजीवन कारावास तथा बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। वहीं, एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
थाना खैरगढ़ क्षेत्र के हुसैनपुर जगे निवासी कैप्टन आलोक यादव नेवी में कैप्टन पद पर तैनात थे। वह परिवार के साथ लखनऊ में रह रहे थे। गांव में पत्नी सरिता यादव द्वारा स्कूल का निर्माण कराया जा रहा था।21 फरवरी 2016 को वह कार से शिकोहाबाद से गांव जा रहे थे। रास्ते में ही विजयपाल एवं उनके पुत्र प्रदीप यादव व राजकुमार उर्फ ललइया ने घेरकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। कैप्टन आलोक यादव की पत्नी सरिता यादव ने तीनों के खिलाफ थाना खैरगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने राजकुमार उर्फ ललइया को गिरफ्तार कर लिया था जबकि विजयपाल एवं उसके पुत्र प्रदीप की गिरफ्तारी नहीं की थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आलोक की बहन ममता यादव व पिता अनार सिंह ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल की थी। पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने विजयपाल को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि उसके बेटे प्रदीप यादव को बरेली एसटीएफ टीम ने जिला शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
एडीजीसी आरिफ खान एडवोकेट ने बताया अपर जिलाजज (प्रथम) रामपाल सिंह ने सोमवार को दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास व बीस-बीस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही 30 हजार रुपया मृतक की पत्नी को देने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कागजी कार्रवाई को पूरा करने के पश्चात दोनों को जेल भेज दिया।
कैप्टन आलोक यादव के पिता अनार सिंंह यादव ने कहा कि मैंने जवान बेटा खोया है। न्यायालय ने जो भी फैसला सुनाया है हम उसका सम्मान करते हैं। हम तीसरे आरोपी के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और उसे सजा दिलाकर ही शांत बैठेंगे।
विज्ञापन
थाना खैरगढ़ क्षेत्र के हुसैनपुर जगे निवासी कैप्टन आलोक यादव नेवी में कैप्टन पद पर तैनात थे। वह परिवार के साथ लखनऊ में रह रहे थे। गांव में पत्नी सरिता यादव द्वारा स्कूल का निर्माण कराया जा रहा था।21 फरवरी 2016 को वह कार से शिकोहाबाद से गांव जा रहे थे। रास्ते में ही विजयपाल एवं उनके पुत्र प्रदीप यादव व राजकुमार उर्फ ललइया ने घेरकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। कैप्टन आलोक यादव की पत्नी सरिता यादव ने तीनों के खिलाफ थाना खैरगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने राजकुमार उर्फ ललइया को गिरफ्तार कर लिया था जबकि विजयपाल एवं उसके पुत्र प्रदीप की गिरफ्तारी नहीं की थी।
विज्ञापन
आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आलोक की बहन ममता यादव व पिता अनार सिंह ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल की थी। पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने विजयपाल को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि उसके बेटे प्रदीप यादव को बरेली एसटीएफ टीम ने जिला शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
एडीजीसी आरिफ खान एडवोकेट ने बताया अपर जिलाजज (प्रथम) रामपाल सिंह ने सोमवार को दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास व बीस-बीस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही 30 हजार रुपया मृतक की पत्नी को देने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कागजी कार्रवाई को पूरा करने के पश्चात दोनों को जेल भेज दिया।
कैप्टन आलोक यादव के पिता अनार सिंंह यादव ने कहा कि मैंने जवान बेटा खोया है। न्यायालय ने जो भी फैसला सुनाया है हम उसका सम्मान करते हैं। हम तीसरे आरोपी के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और उसे सजा दिलाकर ही शांत बैठेंगे।