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शर्मनाक: एसएन मेडिकल कॉलेज में पांच दिन तक पड़ा रहा पुजारी का शव
Thu, 13 Feb 2020 10:49 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 13 Feb 2020 10:49 AM IST
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पुजारी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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रावतपाड़ा स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के पुजारी देवचंद झा (70) का शव पांच दिन तक पांच दिन तक एसएन मेडिकल कॉलेज की सात मंजिला इमारत के बेसमेंट में पड़ा रहा। वह सात फरवरी पैथोलॉजी में जांच कराने जाते समय लापता हो गए थे। गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद न पुलिस ने उनकी तलाश की, न ही एसएन के स्टाफ ने। बुधवार को उनकेपरिजनों को सात मंजिला इमारत के ही बेसमेंट में उनका शव मिला।
प्रकाश नगर, नुनिहाई निवासी देवचंद झा के सिर में तेज दर्द की शिकायत थी। एसएन में ही दो माह से उपचार चल रहा था। सात फरवरी को सात मंजिला इमारत में डॉक्टर को दिखाया तो सिर में ट्यूमर होने के शक पर पैथोलॉजी जांच के लिए तीसरी मंजिल पर भेज दिया गया। वह पुत्रवधू गुड़िया देवी के साथ आए थे।
पैरों में दर्द के कारण वह दूसरी मंजिल से ऊपर न जा पाए। पुत्र वधू पैथोलॉजी में पर्चा बनवाने के लिए चली गई। वापस आई तो वह नहीं मिले। पुत्रवधू ने परिजनों को बुला लिया। इमरजेंसी चौकी पर सूचना दे दी। आठ फरवरी को एमएम गेट थाना में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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प्रकाश नगर, नुनिहाई निवासी देवचंद झा के सिर में तेज दर्द की शिकायत थी। एसएन में ही दो माह से उपचार चल रहा था। सात फरवरी को सात मंजिला इमारत में डॉक्टर को दिखाया तो सिर में ट्यूमर होने के शक पर पैथोलॉजी जांच के लिए तीसरी मंजिल पर भेज दिया गया। वह पुत्रवधू गुड़िया देवी के साथ आए थे।
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पैरों में दर्द के कारण वह दूसरी मंजिल से ऊपर न जा पाए। पुत्र वधू पैथोलॉजी में पर्चा बनवाने के लिए चली गई। वापस आई तो वह नहीं मिले। पुत्रवधू ने परिजनों को बुला लिया। इमरजेंसी चौकी पर सूचना दे दी। आठ फरवरी को एमएम गेट थाना में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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प्राचार्य डॉक्टर जीके अनेजा से मिलकर उन्हें पूरा घटनाक्रम बता दिया। देवकंत के बेटे जयकांत ने बताया कि वे रोज प्राचार्य से कहते थे कि पिता की तलाश कराएं, स्टाफ को लगाएं लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।
पिता दस कदम भी नहीं चल पाते थे, इसलिए पूरे परिवार को यही लग रहा था कि वे एसएन से बाहर नहीं गए होंगे। जब प्राचार्य ने उनकी फरियाद नहीं सुनी तो उन्होंने परिजन और रिश्तेदारों ने बुधवार को एसएन का कोना-कोना खंगाला। रिश्तेदार श्याम सुनंदर बेसमेंट में गए तो उन्हें देवकांत का शव वहां मिला। इस बेसमेंट पर ताला लगा था, यह बुधवार को ही खोला गया था।
जांच के लिए कमेटी बनाई
देवचंद झा बेसमेंट में कैसे पहुंच गए, पता नहीं। इसका क्यों नहीं चल पाया, इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है : डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज
पिता दस कदम भी नहीं चल पाते थे, इसलिए पूरे परिवार को यही लग रहा था कि वे एसएन से बाहर नहीं गए होंगे। जब प्राचार्य ने उनकी फरियाद नहीं सुनी तो उन्होंने परिजन और रिश्तेदारों ने बुधवार को एसएन का कोना-कोना खंगाला। रिश्तेदार श्याम सुनंदर बेसमेंट में गए तो उन्हें देवकांत का शव वहां मिला। इस बेसमेंट पर ताला लगा था, यह बुधवार को ही खोला गया था।
जांच के लिए कमेटी बनाई
देवचंद झा बेसमेंट में कैसे पहुंच गए, पता नहीं। इसका क्यों नहीं चल पाया, इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है : डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज