फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   62 year old elephant neena passed away in mathura hathi hpspital

UP: 62 वर्षीय हथिनी का हुआ निधन, जीवनभर सहे कष्ट; सुख का समय आया तो कर गई अलविदा

Tue, 05 Sep 2023 01:34 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 05 Sep 2023 01:34 PM IST
सार

दुर्व्यवहार और अत्याचार से बचाई गई 62 वर्षीय नेत्रहीन हथिनी ‘नीना’का निधन हो गया। 2021 में वाइल्डलाइफ एसओएस इस हथिनी को मथुरा के हाथी अस्पताल परिसर में इलाज के लिए लाया गया था।
 

विज्ञापन
62 year old elephant neena passed away in mathura hathi hpspital
62 वर्षीय हथिनी का हुआ निधन - फोटो : Wildlife SOS

विस्तार

मथुरा के हाथी अस्पताल में 62 वर्षीय हथिनी ‘नीना’का निधन हो गया। इस हथिनी को वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा भीख मांगने के अपमानजनक जीवन से बचाया गया था, उसका पैरों में तकलीफ और बुढ़ापे के परिणामस्वरूप हाल ही में निधन हो गया। हथिनी नीना दो साल से अधिक समय तक वाइल्डलाइफ एसओएस की देखरेख में थी। पैरों में गंभीर चोटों के कारण अपना भार उठाने में असमर्थ हो गई थी। 
विज्ञापन


 

मथुरा जिले में स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा संचालित हाथी अस्पताल में समर्पित पशु चिकित्सकों और हाथी देखभाल कर्मचारियों की टीम की उपस्थिति में वृद्ध हथनी ने अपनी अंतिम सांस ली। नीना का जीवन क्रूरता से भरा था और वह लगभग छह दशकों तक इसका शिकार रही। उसे अंकुश (एक नुकीला औज़ार) के आदेश पर चलने के लिए मजबूर किया गया था। उसके क्रूर मालिक पैसों के लालच में उसका व्यावसायिक रूप से शोषण करते रहे। उसे कभी आराम नहीं करने दिया और नाहीं कभी पर्याप्त भोजन और पानी दिया गया। बस सड़कों पर भीख मांगने के लिए उसका इस्तेमाल करते रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

नीना की भयानक स्थिति को और बढ़ाने के लिए, उस पर अंकुश के बार-बार प्रहार कर जानबूझकर उसे अंधा कर दिया गया। यह लोगों की सहानुभूति हासिल करने और उनसे पैसे ठगने का जरिया था।
उसकी दयनीय स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त होने पर वाइल्डलाइफ एसओएस ने जून 2021 में नीना को बचाया और उसे मथुरा के हाथी अस्पताल परिसर के सुरक्षित आवास में लाए। उस समय नीना दुर्बल और कुपोषित थी और पैरों में ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्या से पीड़ित थी।
विज्ञापन

लेकिन वाइल्डलाइफ़ एसओएस की पशुचिकित्सकों की टीम ने नीना को ठीक करने के लिए उसके इलाज में हर संभव सहायता प्रदान की। उसके जोड़ों के दर्द में राहत प्रदान करने के लिए लेजर थैरेपी मसाज दी। इसके अतिरिक्त उसके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए औषधि और मल्टीविटामिन की खुराक भी नियमित रूप से दी गई। वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम के अथक प्रयासों के बावजूत, बुढ़ापा और लगभग 60 वर्षों के दुर्व्यवहार ने नीना को जकड़ लिया और उसने अन्य हाथियों और उसको प्यार करने वाले उसकी देखभाल करने वालों की उपस्थिति में अपनी आखरी सांस ली।
 

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि “हमारी पशु चिकित्सा टीम ने नीना की देखभाल की और उसे आखिरी क्षण तक सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल प्रदान की। जिस हथनी के लिए हमने सामूहिक रूप से इतनी मेहनत की, उसके निधन की व्याख्या करना बेहद मुश्किल है। नीना हमें देश में उसके जैसे हाथियों को मुक्त कराने की दिशा में काम करते रहने की याद दिलाती रहेंगी।''
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed