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विवाद से नहीं आपसी संवाद से बन सकता है श्रीराम मंदिर : ज्ञान सागर
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- फोटो : डेमो
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मथुरा। राम मंदिर विवाद से नहीं बल्कि आपसी संवाद से बन सकता है। इस पर राजनीति नहीं बल्कि बैठकर विचार करने की आवश्यकता है। देश की अखंडता बनी रहे ऐसा प्रयास करना चाहिए। अनेकता में एकता ही भारत देश की विशेषता है।
उक्त विचार रविवार को कृष्णा नगर स्थित दिगंबर सिद्ध क्षेत्र जैन चौरासी में आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने व्यक्त किए। कहा कि देश की पहचान चरित्र से थी लेकिन अब युवा पाश्चात्य संस्कृति की ओर अग्रसर हो रहे हैं, वह वहां की अच्छाइयों के बजाय बुराइयों को अपना रहे हैं।
युवाओं में व्यसनों के प्रति आकर्षण बढ़ता जा रहा है जबकि विदेशी भारत की संस्कृति अपनाकर तनाव मुक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कर रही है इसका प्रतिफल बीमारियों के रूप में मिल रहा है।
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इस दौरान उन्होंने परीक्षा का समय नजदीक होने पर विद्यार्थियों को मोबाइल से दूर रहने की सलाह दी। इस दौरान महावीर प्रसाद जैन, अमित कुमार जैन, वीरेंद्र जैन, डा. जयप्रकाश जैन आदि मौजूद रहे।
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उक्त विचार रविवार को कृष्णा नगर स्थित दिगंबर सिद्ध क्षेत्र जैन चौरासी में आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने व्यक्त किए। कहा कि देश की पहचान चरित्र से थी लेकिन अब युवा पाश्चात्य संस्कृति की ओर अग्रसर हो रहे हैं, वह वहां की अच्छाइयों के बजाय बुराइयों को अपना रहे हैं।
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युवाओं में व्यसनों के प्रति आकर्षण बढ़ता जा रहा है जबकि विदेशी भारत की संस्कृति अपनाकर तनाव मुक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कर रही है इसका प्रतिफल बीमारियों के रूप में मिल रहा है।
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इस दौरान उन्होंने परीक्षा का समय नजदीक होने पर विद्यार्थियों को मोबाइल से दूर रहने की सलाह दी। इस दौरान महावीर प्रसाद जैन, अमित कुमार जैन, वीरेंद्र जैन, डा. जयप्रकाश जैन आदि मौजूद रहे।