{"_id":"5a16dfb34f1c1bce408b8a57","slug":"61511448499-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपीएसआईडीसी के दस अधिकारी आए जांच के घेरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीएसआईडीसी के दस अधिकारी आए जांच के घेरे में
Updated Thu, 23 Nov 2017 08:36 PM IST
विज्ञापन
जांच
- फोटो : डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम से जुडे़ औद्योगिक साइट ए के पांच पार्कों की जमीन को व्यावसायिक प्लाटों के रूप में परिवर्तित कर बिक्री करने के मामले यूपीएसआईडीसी के 10 अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं। अदालत ने प्रमुख सचिव से पूछा है कि अब तक इन अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
करीब ढाई दशक पहले यूपीएसआईडीसी ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे किनारे औद्योगिक साइट ए विकसित की थी। जमीन अधिग्रहण के साथ यूपीएसआईडीसी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में पांच पार्कों के लिए भी जमीन चयनित की। बाद में इन पार्कों की जमीन को अफसरों ने व्यावसायिक प्लाट के रूप में परिवर्तित करते हुए बेच दिया। इन पार्कों की जमीन पर वर्तमान में बिजलीघर, सीईटीपी और स्कूल खडे़ कर दिए हैं।
इसे अवैध करार देने के बाद हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया से जुडे़ अफसरों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रमुख सचिव से मांगी है। इससे यूपीएसआईडीसी के अफसरों की नींद उड़ गई है। करीब दस अधिकारी जांच के दायरे में आ रहे हैं। व्यावसायिक प्लाट में परिवर्तित करने के फैसले में मथुरा से लेकर लखनऊ तक के अफसर शामिल रहे हैं। अब इनमें से गाज कितने अफसरों पर गिरेगी यह 20 दिसंबर से पहले ही तय हो जाएगा। प्रमुख सचिव को इसकी जानकारी हाईकोर्ट को देनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब ढाई दशक पहले यूपीएसआईडीसी ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे किनारे औद्योगिक साइट ए विकसित की थी। जमीन अधिग्रहण के साथ यूपीएसआईडीसी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में पांच पार्कों के लिए भी जमीन चयनित की। बाद में इन पार्कों की जमीन को अफसरों ने व्यावसायिक प्लाट के रूप में परिवर्तित करते हुए बेच दिया। इन पार्कों की जमीन पर वर्तमान में बिजलीघर, सीईटीपी और स्कूल खडे़ कर दिए हैं।
विज्ञापन
इसे अवैध करार देने के बाद हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया से जुडे़ अफसरों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रमुख सचिव से मांगी है। इससे यूपीएसआईडीसी के अफसरों की नींद उड़ गई है। करीब दस अधिकारी जांच के दायरे में आ रहे हैं। व्यावसायिक प्लाट में परिवर्तित करने के फैसले में मथुरा से लेकर लखनऊ तक के अफसर शामिल रहे हैं। अब इनमें से गाज कितने अफसरों पर गिरेगी यह 20 दिसंबर से पहले ही तय हो जाएगा। प्रमुख सचिव को इसकी जानकारी हाईकोर्ट को देनी है।
विज्ञापन