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प्रदूषण जांच के लिए पीसीबी के पास नहीं उपकरण
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:55 PM IST
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Pollution
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। आसमान में धुंध छाने और वायु प्रदूषण से हर कोई परेशान है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास प्रदूषण की जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
आसमान में तीन दिन से धुंध की सफेद चादर तनी है। वायु मंडल में धुंध छाने से हर कोई परेशान है। प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने से सांस के रोगियों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। धुंध से लोगाें को आंखों में जलन, पानी आना, एलर्जी जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
आसमान में दोपहर तक धुंध छाई रहने बच्चे और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुपहिया वाहन चालकों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। वाहन चालते समय आंखों में धूल के कण जलन और दृश्यता कम होने से हादसे की आशंका बन रही है।
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सुहागनगरी में 200 कांच औरचूड़ी के कारखाने हैं। कहने को सभी इकाइयां नेचुरल गैस से चल रही हैं। इसके बाद भी इकाइयों की चिमनियां धुआं उगलती नजर आती हैं। इसके चलते वायु मंडल में प्रदूषण का मानक बढ़ रहा है। आसमान में धुंध छाने से पिछले तीन दिनों से हर कोई परेशान है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर मौन साधे बैठे हैं। विभाग के पास प्रदूषण जांच का कोई इंतजाम नहीं है।
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आसमान में तीन दिन से धुंध की सफेद चादर तनी है। वायु मंडल में धुंध छाने से हर कोई परेशान है। प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने से सांस के रोगियों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। धुंध से लोगाें को आंखों में जलन, पानी आना, एलर्जी जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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आसमान में दोपहर तक धुंध छाई रहने बच्चे और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुपहिया वाहन चालकों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। वाहन चालते समय आंखों में धूल के कण जलन और दृश्यता कम होने से हादसे की आशंका बन रही है।
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सुहागनगरी में 200 कांच औरचूड़ी के कारखाने हैं। कहने को सभी इकाइयां नेचुरल गैस से चल रही हैं। इसके बाद भी इकाइयों की चिमनियां धुआं उगलती नजर आती हैं। इसके चलते वायु मंडल में प्रदूषण का मानक बढ़ रहा है। आसमान में धुंध छाने से पिछले तीन दिनों से हर कोई परेशान है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर मौन साधे बैठे हैं। विभाग के पास प्रदूषण जांच का कोई इंतजाम नहीं है।