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व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग श्रम एवं सेवायोजन में होंगे शामिल
Updated Thu, 14 Sep 2017 10:48 PM IST
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एटा। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को पुन: श्रम एवं सेवायोजन विभाग का नाम दिया जाएगा। इसी प्रकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा-वस्त्रोद्योग एवं रेशम विभाग का एकीकरण कर एक स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव है। शासन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दिया है।
एक दशक पूर्व श्रम एवं सेवायोजन विभाग से अलग हुई व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग एकीकृत होने जा रहे हैं। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा-वस्त्रोद्योग एवं रेशम विभाग सहित आधा दर्जन विभाग को भी एक स्वतंत्र नाम देकर इनके संयुक्त एवं एकीकृत लक्ष्य पर काम किया जाएगा। मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में 14 अगस्त 2017 को संपन्न सभी विभागों के सचिवों, उप सचिवों की बैठक के बाद बनी सहमति का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को अनुमोदन के लिए प्रेषित कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद इन्हें एकीकृत कर दिया जाएगा। बताते चलें कि व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग वर्ष 2007 तक श्रम एवं सेवायोजन विभाग के नाम से ही जाने जाते थे। उन दिनों आईटीआई एवं सेवायोजन विभाग एक ही हुआ करते थे। शासन के प्रस्ताव का इन विभागों के लोगों ने स्वागत किया है। इनका कहना है कि आमेलन से जहां विभागीय अव्यवस्थाएं एवं स्टाफ की कमी दूर होगी। वहीं भवन, वाहन एवं अन्य सेट अप के नाम से होने वाले अनावश्यक खर्च के बोझ से भी निजात मिलेगी।
काफी समय से चल रहे एकीकरण प्रस्ताव को सदन के अनुमोदन का इंतजार है। आदेश मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सूर्यकांत सिंह, वरिष्ठ सहायक जिला सेवा योजन कार्यालय
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एक दशक पूर्व श्रम एवं सेवायोजन विभाग से अलग हुई व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग एकीकृत होने जा रहे हैं। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा-वस्त्रोद्योग एवं रेशम विभाग सहित आधा दर्जन विभाग को भी एक स्वतंत्र नाम देकर इनके संयुक्त एवं एकीकृत लक्ष्य पर काम किया जाएगा। मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में 14 अगस्त 2017 को संपन्न सभी विभागों के सचिवों, उप सचिवों की बैठक के बाद बनी सहमति का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को अनुमोदन के लिए प्रेषित कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद इन्हें एकीकृत कर दिया जाएगा। बताते चलें कि व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग वर्ष 2007 तक श्रम एवं सेवायोजन विभाग के नाम से ही जाने जाते थे। उन दिनों आईटीआई एवं सेवायोजन विभाग एक ही हुआ करते थे। शासन के प्रस्ताव का इन विभागों के लोगों ने स्वागत किया है। इनका कहना है कि आमेलन से जहां विभागीय अव्यवस्थाएं एवं स्टाफ की कमी दूर होगी। वहीं भवन, वाहन एवं अन्य सेट अप के नाम से होने वाले अनावश्यक खर्च के बोझ से भी निजात मिलेगी।
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काफी समय से चल रहे एकीकरण प्रस्ताव को सदन के अनुमोदन का इंतजार है। आदेश मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सूर्यकांत सिंह, वरिष्ठ सहायक जिला सेवा योजन कार्यालय