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Agra News: राशन की दुकानों पर 55 हजार क्विंटल चावल डंप
Fri, 14 Jul 2023 12:15 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:15 AM IST
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कासगंज। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बंटने के लिए आया 50 हजार क्विंटल चावल राशन की दुकानों पर पड़ा है। शासन से इस चावल के वितरण के लिए कोई निर्देश न होने के कारण विक्रेता इसे गोदाम में रखे हुए हैं। बारिश के मौसम में इस चावल के खराब होने की आशंका है।
केंद्र सरकार ने कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रति यूनिट पांच किलो राशन देने की व्यवस्था की गई। योजना में पहले लाभार्थियों को गेहूं व चावल दोनों ही दिए जाते थे। बाद में केवल चावल का प्रावधान किया गया। नवंबर माह में चावल का उठान हो गया, लेकिन अचानक योजना को बंद कर दिया। इसके स्थान पर नियमित राशन को निशुल्क कर दिया गया। जो चावल राशन डीलरों की दुकान पर पहुंच गया उसके निस्तारण को लेकर कोई निर्देश शासन से आज तक जारी नहीं किए गए। जिससे 55 हजार क्विंटल चावल राशन की दुकानों पर डंप है। कोटेदारों के पास ऐसे गोदाम नहीं है जिसमें चावल को सुरक्षित रखा जा सके। इस समय बारिश का मौसम शुरू हो चुका है ऐसे में चावल के खराब होने का खतरा है।
10 लाख लोगों को हो सकता है वितरण
कासगंज। जिले में पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय योजना के तहत 10,91,613 यूनिट जुडे़ हुए हैं। इनके लिए 5 किलो के हिसाब से चावल का वितरण किया जा सकता है, लेकिन इस चावल के वितरण को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
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डीलर इस तरह सुरक्षित कर रहे चावल
चावल खराब न हो इसके लिए डीलर चावल की अदला बदली करके व्यवस्था कर रहे हैं। जब नया चावल पहुंचता है तो उसे स्टॉक कर दिया जाता है तथा पुराने चावल को बाहर निकाल कर वितरण करा दिया जाता है।
पीएमजीकेेएवाई योजना के तहत राशन की दुकानों पर जो चावल स्टाॅक मेंं रखा हुआ है उसके संबंध में शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जो निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर व्यवस्था की जाएगी- संजय कुमार, डीएसओ
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केंद्र सरकार ने कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रति यूनिट पांच किलो राशन देने की व्यवस्था की गई। योजना में पहले लाभार्थियों को गेहूं व चावल दोनों ही दिए जाते थे। बाद में केवल चावल का प्रावधान किया गया। नवंबर माह में चावल का उठान हो गया, लेकिन अचानक योजना को बंद कर दिया। इसके स्थान पर नियमित राशन को निशुल्क कर दिया गया। जो चावल राशन डीलरों की दुकान पर पहुंच गया उसके निस्तारण को लेकर कोई निर्देश शासन से आज तक जारी नहीं किए गए। जिससे 55 हजार क्विंटल चावल राशन की दुकानों पर डंप है। कोटेदारों के पास ऐसे गोदाम नहीं है जिसमें चावल को सुरक्षित रखा जा सके। इस समय बारिश का मौसम शुरू हो चुका है ऐसे में चावल के खराब होने का खतरा है।
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10 लाख लोगों को हो सकता है वितरण
कासगंज। जिले में पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय योजना के तहत 10,91,613 यूनिट जुडे़ हुए हैं। इनके लिए 5 किलो के हिसाब से चावल का वितरण किया जा सकता है, लेकिन इस चावल के वितरण को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
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डीलर इस तरह सुरक्षित कर रहे चावल
चावल खराब न हो इसके लिए डीलर चावल की अदला बदली करके व्यवस्था कर रहे हैं। जब नया चावल पहुंचता है तो उसे स्टॉक कर दिया जाता है तथा पुराने चावल को बाहर निकाल कर वितरण करा दिया जाता है।
पीएमजीकेेएवाई योजना के तहत राशन की दुकानों पर जो चावल स्टाॅक मेंं रखा हुआ है उसके संबंध में शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जो निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर व्यवस्था की जाएगी- संजय कुमार, डीएसओ