{"_id":"5c2e40bebdec2256d642529f","slug":"51546535102-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल योगेश्वर फर्म को नहीं मिली मंडी निदेशक से राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल योगेश्वर फर्म को नहीं मिली मंडी निदेशक से राहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एटा। मंडी परिषद स्थित दुकान में कालाबाजारी को रखे गए राशन को प्रशासनिक अधिकारियों ने जब्त कर मंडी लाइसेंस निरस्त कर दिया था। दुकान में रखे गेहूं, चावल और सरसों को भी जब्त कर सील कर दिया था। लाइसेंस बहाल कराने और राशन को मुक्त कराने के लिए फर्म स्वामी ने हाईकोर्ट और मंडी निदेशक कार्यालय में अपील की। हालांकि दोनों ही स्थानों से अपील को निरस्त कर दिया गया।
मंडी परिषद में बाल योगेश्वर एंड संस के नाम से संचालित फर्म पर सितंबर माह में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने छापामार कार्रवाई कर 430 बोरा चावल, 42 बोरा गेहूं और तीन क्विंटल के करीब बिखरा चावल बरामद किया था। इस दौरान फर्म का 60 बोरा सरसों भी रखा मिला था। चावल और गेहूं कालाबाजारी करके एकत्रित किया गया था।
इसकी गोपनीय सूचना पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फर्म का लाइसेंस निरस्त करते हुए कालाबाजारी कर एकत्रित किया गया राशन भी जब्त किया था। इसे मुक्त कराने के लिए फर्म स्वामी दिनेश चंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट में अपील की। हालांकि अपील को कोर्ट ने निरस्त करते हुए मंडी निदेशक के कार्यालय में अपील करने का सुझाव दिया था। फर्म स्वामी मंडी निदेशक रमाकांत पांडेय के कार्यालय में अपील की लेकिन मंडी निदेशक ने कालाबाजारी कर एकत्रित वस्तुओं को भ्रष्टाचार मानते हुए अपील खारिज कर दी है और लाइसेंस बहाल नहीं करने के आदेश मंडी परिषद सचिव को दिए हैं।
विज्ञापन
मै. बाल योगेश्वर एंड संस फर्म का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर ने कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त और कालाबाजारी कर रखे गए चावल और गेहूं को जब्त किया था। इसे बहाल करने के लिए फर्म ने मंडी निदेशक के कार्यालय में अपील की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया। लाइसेंस बहाल नहीं करने के आदेश मिले हैं।
अशोक सिंह सोलंकी, सचिव, मंडी परिषद
मंडी परिषद में बाल योगेश्वर एंड संस के नाम से संचालित फर्म पर सितंबर माह में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने छापामार कार्रवाई कर 430 बोरा चावल, 42 बोरा गेहूं और तीन क्विंटल के करीब बिखरा चावल बरामद किया था। इस दौरान फर्म का 60 बोरा सरसों भी रखा मिला था। चावल और गेहूं कालाबाजारी करके एकत्रित किया गया था।
विज्ञापन
इसकी गोपनीय सूचना पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फर्म का लाइसेंस निरस्त करते हुए कालाबाजारी कर एकत्रित किया गया राशन भी जब्त किया था। इसे मुक्त कराने के लिए फर्म स्वामी दिनेश चंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट में अपील की। हालांकि अपील को कोर्ट ने निरस्त करते हुए मंडी निदेशक के कार्यालय में अपील करने का सुझाव दिया था। फर्म स्वामी मंडी निदेशक रमाकांत पांडेय के कार्यालय में अपील की लेकिन मंडी निदेशक ने कालाबाजारी कर एकत्रित वस्तुओं को भ्रष्टाचार मानते हुए अपील खारिज कर दी है और लाइसेंस बहाल नहीं करने के आदेश मंडी परिषद सचिव को दिए हैं।
विज्ञापन
मै. बाल योगेश्वर एंड संस फर्म का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर ने कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त और कालाबाजारी कर रखे गए चावल और गेहूं को जब्त किया था। इसे बहाल करने के लिए फर्म ने मंडी निदेशक के कार्यालय में अपील की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया। लाइसेंस बहाल नहीं करने के आदेश मिले हैं।
अशोक सिंह सोलंकी, सचिव, मंडी परिषद