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तकनीकी खामी से थमा मिल का चक्का, पिराई बंद
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चीनी मिल अभी नहीं तैयार, 10 दिन और टल सकता है पिराई सत्र
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। पिराई सत्र शुरू होने के बाद उत्साहित गन्ना किसानों को झटका लगा है। तकनीकी खामी के चलते मिल का चक्का थम गया है। अभी तक पिराई के बाद चीनी बनाने का व्यवस्थित काम शुरू नहीं हो सका है। मिल का चक्का थम जाने के बाद गन्ना के वाहनों की कतारें मिल के गेट पर लगी हैं। ऐसे में खरीद प्रभावित हो रही है। सोमवार को दिनभर इंजीनियर खामी दूर करने में जुटे रहे।
26 नवंबर को मिल का बॉयलर पूजन किया गया था। इसके बाद दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह से पिराई सत्र भी शुरू हो गया। इस बीच गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान भी कर दिया गया। किसान उत्साहित थे और खेतों में खड़ी फसल को मिल तक पहुंचाने में जुट गए। जिले में खरीद के लिए 28 केंद्र बनाए गए। एक केंद्र मिल के द्वार पर बनाया गया। इस केंद्र पर गन्ना सबसे अधिक पहुंच रहा है। कई दिनों से मिल व्यवस्थित नहीं थी, लेकिन शनिवार रात 11 बजे मिल का चक्का पूरी तरह थम गया और पिराई बंद हो गई। पिराई बंद होते ही मिल ने मुख्य द्वार पर बने गन्ना खरीद केंद्र पर खरीद रोक दी। ऐसे में वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं। लगभग 100 टन गन्ना चीनी मिल के मुख्य द्वार पर जमा हो गया। सोमवार सुबह से इंजीनियर मिल की खामी दूर करने में जुटे रहे। देर शाम तक मिल का चक्का नहीं चलाया जा सका। गन्ना खरीद बंद हो जाने के बाद किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
किसानों की बात-
- न्यौली चीनी मिल द्वारा गन्ने की खरीद शुरू की गई। इसके बाद किसान गन्ना लेकर मिल पर पहुंचने लगे, लेकिन मिल व्यवस्थित नहीं चल पा रही है। इससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मिल प्रशासन को तेजी के साथ काम करना चाहिए।
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श्यामवीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष, किसान यूनियन।
- गन्ना कटाई का काम तेज कर दिया है, लेकिन अन्य किसानों से जानकारी हुई है कि चीनी मिल के द्वार पर गन्ना खरीद नहीं हो रही है। इसके बाद मानसिक तनाव बढ़ गया है।
- जगदीश।
वर्जन-
- मिल सही करने का काम किया जा रहा है। बॉयलर में सिर्फ पानी जाना चाहिए, लेकिन किसी तरह गन्ने का रस चला गया। इससे पिराई प्रभावित हुई।
रामआसरे, वाइस प्रेसिडेंट, न्यौली चीनी मिल।
- चीनी मिल में तकनीकी खामी आ गई है। नियमित रूप से पिराई नहीं हो पा रही है। शनिवार रात 11 बजे से मिल का चक्का थम गया। इंजीनियर सोमवार को मिल सही करने में जुटे है।
ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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26 नवंबर को मिल का बॉयलर पूजन किया गया था। इसके बाद दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह से पिराई सत्र भी शुरू हो गया। इस बीच गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान भी कर दिया गया। किसान उत्साहित थे और खेतों में खड़ी फसल को मिल तक पहुंचाने में जुट गए। जिले में खरीद के लिए 28 केंद्र बनाए गए। एक केंद्र मिल के द्वार पर बनाया गया। इस केंद्र पर गन्ना सबसे अधिक पहुंच रहा है। कई दिनों से मिल व्यवस्थित नहीं थी, लेकिन शनिवार रात 11 बजे मिल का चक्का पूरी तरह थम गया और पिराई बंद हो गई। पिराई बंद होते ही मिल ने मुख्य द्वार पर बने गन्ना खरीद केंद्र पर खरीद रोक दी। ऐसे में वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं। लगभग 100 टन गन्ना चीनी मिल के मुख्य द्वार पर जमा हो गया। सोमवार सुबह से इंजीनियर मिल की खामी दूर करने में जुटे रहे। देर शाम तक मिल का चक्का नहीं चलाया जा सका। गन्ना खरीद बंद हो जाने के बाद किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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किसानों की बात-
- न्यौली चीनी मिल द्वारा गन्ने की खरीद शुरू की गई। इसके बाद किसान गन्ना लेकर मिल पर पहुंचने लगे, लेकिन मिल व्यवस्थित नहीं चल पा रही है। इससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मिल प्रशासन को तेजी के साथ काम करना चाहिए।
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श्यामवीर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष, किसान यूनियन।
- गन्ना कटाई का काम तेज कर दिया है, लेकिन अन्य किसानों से जानकारी हुई है कि चीनी मिल के द्वार पर गन्ना खरीद नहीं हो रही है। इसके बाद मानसिक तनाव बढ़ गया है।
- जगदीश।
वर्जन-
- मिल सही करने का काम किया जा रहा है। बॉयलर में सिर्फ पानी जाना चाहिए, लेकिन किसी तरह गन्ने का रस चला गया। इससे पिराई प्रभावित हुई।
रामआसरे, वाइस प्रेसिडेंट, न्यौली चीनी मिल।
- चीनी मिल में तकनीकी खामी आ गई है। नियमित रूप से पिराई नहीं हो पा रही है। शनिवार रात 11 बजे से मिल का चक्का थम गया। इंजीनियर सोमवार को मिल सही करने में जुटे है।
ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।