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अब तो शहर से हटाने ही पड़ेंगे चांदी पालिश के कारखाने
Updated Fri, 18 May 2018 08:22 PM IST
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मथुरा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने शहरी क्षेत्र में संचालित चांदी के पालिश कारखानों को राहत देने से इंकार कर दिया है। ऐसी स्थिति में अब इनके बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं जोड़े जाएंगे। इस संदर्भ में कारखाना संचालकों ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
शुक्रवार को एनजीटी में शहर में संचालित चांदी से जुड़े कारखानों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें कारखाना मालिकों की पुनर्विचार याचिका पर भी सुनवाई की। इस याचिका में कारखाना मालिकों ने एनजीटी के पूर्व आदेश पर फिर से विचार करने की अपील की गई थी, जिसके तहत इन कारखानों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे गए हैं।
लेकिन सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कारखाना मालिकों को किसी भी प्रकार की राहत देने से मना कर दिया। कहा कि चाहे तो इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जा सकती है। इससे अब यह तय हो गया है कि शहरी क्षेत्र में संचालित हो रहे चांदी के पालिश कारखानों को अब शहर से बाहर जाना ही होगा। यह मामला पिछले दो दशक से विभिन्न न्यायालयों में चल रहा था।
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शुक्रवार को एनजीटी में शहर में संचालित चांदी से जुड़े कारखानों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें कारखाना मालिकों की पुनर्विचार याचिका पर भी सुनवाई की। इस याचिका में कारखाना मालिकों ने एनजीटी के पूर्व आदेश पर फिर से विचार करने की अपील की गई थी, जिसके तहत इन कारखानों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे गए हैं।
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लेकिन सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कारखाना मालिकों को किसी भी प्रकार की राहत देने से मना कर दिया। कहा कि चाहे तो इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जा सकती है। इससे अब यह तय हो गया है कि शहरी क्षेत्र में संचालित हो रहे चांदी के पालिश कारखानों को अब शहर से बाहर जाना ही होगा। यह मामला पिछले दो दशक से विभिन्न न्यायालयों में चल रहा था।
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