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सभी समीकरण हुए फेल, गांधी ने सबको दी मात
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:49 PM IST
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एटा। निकाय चुनाव मेें एटा नगर पालिका में सारे समीकरणों को फेल करते हुए निर्दलीय मीरा गांधी ने सबको मात दी। कोई वैश्य, तो कोई ठाकुर, तो कोई दलित समाज के समीकरण लगाता रहा, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी ने सारे जातिगत समीकरणों को पीछे छोड़ दिया। वहीें भाजपा के समीकरण भी फेल हो गए। भितरघातियों की वजह से भाजपा में नए नेताओं की कोशिशें नाकाम रहीं।
एटा नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गांधी ने जीत का एक बार फिर परचम लहराते हुए सबको पीछे छोड़ दिया। मतों पर गौर करें तो मीरा गांधी को सर्व समाज का वोट मिला। वहीं भाजपा की लाज नहीं बच सकी। भाजपा ने निकाय चुनाव को लेकर पूरी तैयारी की थी। कई नेताओं से दल बदलकर भाजपा को जिताने के लिए दम लगा दी।
हाल ही कांग्रेस से भाजपा में आए नेता प्रमोद गुप्ता ने जहां वैश्य वोटों में अच्छी पकड़ बनाई। वहीं बसपा से आए विनीत भारद्वाज ने ब्राह्मण वोटों में सेंध लगाई। इसके साथ ही क्षत्रिय नेता और बसपा से आए गजेंद्र सिंह चौहान ने भी भाजपा के लिए जमकर जोर लगाया। मगर कुछ भितरघाती नेताओं ने भाजपा की नैया डुबो दी।
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इसके चलते मीरा गांधी का पलड़ा भारी रहा। सूत्र बताते हैं कि विनीत भारद्वाज ने ब्राह्मण और दलित वोटों में सेंधमारी की, जिसके चलते बसपा से वोट कटकर भाजपा के पाले में आया, मगर अपनों के पराये हो जाने से पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा।
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एटा नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गांधी ने जीत का एक बार फिर परचम लहराते हुए सबको पीछे छोड़ दिया। मतों पर गौर करें तो मीरा गांधी को सर्व समाज का वोट मिला। वहीं भाजपा की लाज नहीं बच सकी। भाजपा ने निकाय चुनाव को लेकर पूरी तैयारी की थी। कई नेताओं से दल बदलकर भाजपा को जिताने के लिए दम लगा दी।
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हाल ही कांग्रेस से भाजपा में आए नेता प्रमोद गुप्ता ने जहां वैश्य वोटों में अच्छी पकड़ बनाई। वहीं बसपा से आए विनीत भारद्वाज ने ब्राह्मण वोटों में सेंध लगाई। इसके साथ ही क्षत्रिय नेता और बसपा से आए गजेंद्र सिंह चौहान ने भी भाजपा के लिए जमकर जोर लगाया। मगर कुछ भितरघाती नेताओं ने भाजपा की नैया डुबो दी।
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इसके चलते मीरा गांधी का पलड़ा भारी रहा। सूत्र बताते हैं कि विनीत भारद्वाज ने ब्राह्मण और दलित वोटों में सेंधमारी की, जिसके चलते बसपा से वोट कटकर भाजपा के पाले में आया, मगर अपनों के पराये हो जाने से पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा।