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शोषण रोकने को बना था लेखपाल संघ-जितेंद्र
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:56 PM IST
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फिरोजाबाद/टूंडला।
उत्त्त्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 56वां स्थापना दिवस तहसील सभागार में मनाया गया। समारोह में संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम डा. सुरेश कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वज्लित कर किया। संघ के जिलाध्यक्ष जितेंन्द्र यादव ने संघटन के संस्थापक मुरारीलाल शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा कि पहले सभी राज्यों में पटवारी होते थे। वर्ष 1950 में जमींदारी प्रथा खत्म होने पर 1953 में पटवारियों की हड़ताल के चलते इस्तीफा लेकर उन्हें नौकरी से हटा कर लेखपालों की भर्ती की गई थी। उस समय अधिकारियों द्वारा लेखपालों का चरम सीमा पर शोषण किया जाता था। अल्प वेतन में कटौती की जाती थीं।
इन समस्याओं को लेकर वर्ष 1960 में प्रदेश अध्यक्ष मुरारीलाल शर्मा, प्रदेश महामंत्री रहे बद्रीप्रसाद श्रीवास्तव, लल्लू सिंह, कनवरलाल और विजय प्रकाश शर्मा ने उत्त्त्तर प्रदेश लेखपाल संघ का गठन किया था। संगठन को 14 नवंबर 1962 को मान्यता मिली थी। कार्यक्रम को जिलामंत्री योगेंन्द्र उपाध्याय तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार आशीष त्रिपाठी, नरसिंहपाल एडवोकेट ने संबोधित किया। पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किए गए।
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उत्त्त्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 56वां स्थापना दिवस तहसील सभागार में मनाया गया। समारोह में संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम डा. सुरेश कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वज्लित कर किया। संघ के जिलाध्यक्ष जितेंन्द्र यादव ने संघटन के संस्थापक मुरारीलाल शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा कि पहले सभी राज्यों में पटवारी होते थे। वर्ष 1950 में जमींदारी प्रथा खत्म होने पर 1953 में पटवारियों की हड़ताल के चलते इस्तीफा लेकर उन्हें नौकरी से हटा कर लेखपालों की भर्ती की गई थी। उस समय अधिकारियों द्वारा लेखपालों का चरम सीमा पर शोषण किया जाता था। अल्प वेतन में कटौती की जाती थीं।
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इन समस्याओं को लेकर वर्ष 1960 में प्रदेश अध्यक्ष मुरारीलाल शर्मा, प्रदेश महामंत्री रहे बद्रीप्रसाद श्रीवास्तव, लल्लू सिंह, कनवरलाल और विजय प्रकाश शर्मा ने उत्त्त्तर प्रदेश लेखपाल संघ का गठन किया था। संगठन को 14 नवंबर 1962 को मान्यता मिली थी। कार्यक्रम को जिलामंत्री योगेंन्द्र उपाध्याय तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार आशीष त्रिपाठी, नरसिंहपाल एडवोकेट ने संबोधित किया। पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किए गए।
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