{"_id":"595bd9e14f1c1b494a8b47fa","slug":"51499191777-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के दोषी सगे भाइयों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के दोषी सगे भाइयों को उम्रकैद
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जुर्माना लगाया है। तीसरा भाई नाबालिग है उसका केस जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।
गांव अयेरा निवासी नरेश द्वारा थाना राया में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार 16 दिसंबर 2006 की सुबह वह अपने मामा राजेंद्र प्रसाद के यहां आगंन में सो रहा था। तभी गांव के ही हरिशंकर, बंटी व रामवीर ने बांक व फनर से मामा राजेंद्र प्रसाद की हत्या कर फरार हो गए थे। हत्या के पीछे एक प्लॉट की बिक्री थी।
मामला अपर सत्र न्यायालय नवम में न्यायाधीश सुदामा प्रसाद की अदालत में चल रहा था। एडीजीसी वीरेंद्र लवानियां ने बताया कि हरिशंकर और बंटी को उम्रकैद की सजा और दस-दस हजार का जुर्माना लगाया गया है। जबकि रामवीर के नाबालिग होने पर मामला जुवेनायल कोर्ट चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव अयेरा निवासी नरेश द्वारा थाना राया में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार 16 दिसंबर 2006 की सुबह वह अपने मामा राजेंद्र प्रसाद के यहां आगंन में सो रहा था। तभी गांव के ही हरिशंकर, बंटी व रामवीर ने बांक व फनर से मामा राजेंद्र प्रसाद की हत्या कर फरार हो गए थे। हत्या के पीछे एक प्लॉट की बिक्री थी।
विज्ञापन
मामला अपर सत्र न्यायालय नवम में न्यायाधीश सुदामा प्रसाद की अदालत में चल रहा था। एडीजीसी वीरेंद्र लवानियां ने बताया कि हरिशंकर और बंटी को उम्रकैद की सजा और दस-दस हजार का जुर्माना लगाया गया है। जबकि रामवीर के नाबालिग होने पर मामला जुवेनायल कोर्ट चला गया।
विज्ञापन