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नहर में डूबा कारीगर, बहाव देख नहीं आया कोई बचाने
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:54 PM IST
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नहर।
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
हजारा नहर में कूदकर ताला कारीगर ने आत्महत्या कर ली। ताला कारीगर आठ माह पूर्व पुत्र की हत्या के बाद से काफी तनाव में था। परिवारीजनों को जब मामले की जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंच गए। नहर का बहाव तेज होने के कारण उनका शव नहीं मिल सका।
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे ताला कारीगर हरपाल (65) निवासी बांकनेर कांशीराम कालोनी के पास गए। उसके बाद वह अचानक हजारा नहर के झाल के पुल पर जा पहुंचे। उन्होंने वहां अचानक नहर में छलांग लगा दी। झाल के पास मौजूद लोगों ने हरपाल के नहर में छलांग लगाते ही शोर मचाया। लेकिन पानी के तेज प्रवाह के चलते कोई भी नहर में तलाश करने को तैयार नहीं हुआ।
सूचना पर परिवारीजन मौके पर आ गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हर पाल के पुत्र अजीत सिंह ने बताया कि उनके पिता ताला चाबी बनाने का काम करते थे। इसके लिए वह गांव गांव साइकिल से फेरी लगाकर ताला चाबी ठीक करने जाते थे। सुबह भी उन्होंने फेरी पर जाने की बात कही। अचानक उन्होंने आत्महत्या क्यों कि यह पता नहीं। परिवार में कोहराम मच गया।
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हजारा नहर में कूदकर ताला कारीगर ने आत्महत्या कर ली। ताला कारीगर आठ माह पूर्व पुत्र की हत्या के बाद से काफी तनाव में था। परिवारीजनों को जब मामले की जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंच गए। नहर का बहाव तेज होने के कारण उनका शव नहीं मिल सका।
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे ताला कारीगर हरपाल (65) निवासी बांकनेर कांशीराम कालोनी के पास गए। उसके बाद वह अचानक हजारा नहर के झाल के पुल पर जा पहुंचे। उन्होंने वहां अचानक नहर में छलांग लगा दी। झाल के पास मौजूद लोगों ने हरपाल के नहर में छलांग लगाते ही शोर मचाया। लेकिन पानी के तेज प्रवाह के चलते कोई भी नहर में तलाश करने को तैयार नहीं हुआ।
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सूचना पर परिवारीजन मौके पर आ गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हर पाल के पुत्र अजीत सिंह ने बताया कि उनके पिता ताला चाबी बनाने का काम करते थे। इसके लिए वह गांव गांव साइकिल से फेरी लगाकर ताला चाबी ठीक करने जाते थे। सुबह भी उन्होंने फेरी पर जाने की बात कही। अचानक उन्होंने आत्महत्या क्यों कि यह पता नहीं। परिवार में कोहराम मच गया।
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