{"_id":"594bf6124f1c1b191d8b45ac","slug":"51498150418-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साठ दिन पूर्व देना होगा शस्त्र नवीनीकरण का प्रार्थना पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साठ दिन पूर्व देना होगा शस्त्र नवीनीकरण का प्रार्थना पत्र
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
एक्सप्लोसिव मैगजीन लाइसेंस के बिना ठेकेदारों को बारूद का डेटोनेटर और जलाटिन जारी नहीं किया जाएगा।
एटा। शासन ने शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया को और जटिल कर दिया है। अब शस्त्र धारकों को नवीनीकरण तिथि समाप्त होने से साठ दिन पूर्व शुल्क चालान सहित आवेदन पत्र शस्त्र कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इस तिथि के बाद दो हजार रुपये का विलंब दंड देना होगा।
1962 की शस्त्र नियमावली में किया गया बदलाव लापरवाह शस्त्र धारकों पर भारी पड़ेगा। अब पूर्व की भांति मनमाने तरीके से नवीनीकरण नहीं किया जा सकेगा। नई नियमावली में शस्त्र नियमों में बदलाव किया गया है वहीं नवीनीकरण शुल्क में 24 गुने से अधिक की वृद्धि भी की गई है। वहीं अब विलंब दंड सौ रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया गया है।
नये निर्देशानुसार शस्त्र धारक को नवीनीकरण तिथि समाप्त होने से साठ दिन पूर्व निर्धारित शुल्क चालान के साथ नवीनीकरण आवेदन डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इस अवधि में आवेदन प्राप्त न होने पर दो हजार रुपये का विलंब दंड देय होगा। बता देें कि जिले में 32,022 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें प्रतिवर्ष हजारों का नवीनीकरण होता है। शस्त्र नवीनीकरण की अवधि तीन वर्ष है।
विज्ञापन
पूर्व की व्यवस्था
अभी तक लोग नवीनीकरण शुल्क जमा कर देते थे लेकिन नवीनीकरण नहीं कराते थे। सुविधा एवं समायनुसार लोग नवीनीकरण कराते थे। ऐसे में सैकड़ों के नवीनीकरण अभिलेखों में दर्ज नहीं हो पाते थे।
नई नियमावली में नवीनीकरण अवधि पूरा होने से 60 दिन पूर्व निर्धारित शुल्क चालान के साथ नवीनीकरण आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त होना अनिवार्य है। विलंब होने पर दो हजार रुपये का निर्धारित विलंब शुल्क देय होगा। शासन ने सभी शस्त्रों का नवीनीकरण शुल्क 1500 रुपये कर दिया है।
अनिल उपाध्याय, प्रशासनिक अधिकारी
विज्ञापन
1962 की शस्त्र नियमावली में किया गया बदलाव लापरवाह शस्त्र धारकों पर भारी पड़ेगा। अब पूर्व की भांति मनमाने तरीके से नवीनीकरण नहीं किया जा सकेगा। नई नियमावली में शस्त्र नियमों में बदलाव किया गया है वहीं नवीनीकरण शुल्क में 24 गुने से अधिक की वृद्धि भी की गई है। वहीं अब विलंब दंड सौ रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया गया है।
विज्ञापन
नये निर्देशानुसार शस्त्र धारक को नवीनीकरण तिथि समाप्त होने से साठ दिन पूर्व निर्धारित शुल्क चालान के साथ नवीनीकरण आवेदन डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इस अवधि में आवेदन प्राप्त न होने पर दो हजार रुपये का विलंब दंड देय होगा। बता देें कि जिले में 32,022 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें प्रतिवर्ष हजारों का नवीनीकरण होता है। शस्त्र नवीनीकरण की अवधि तीन वर्ष है।
विज्ञापन
पूर्व की व्यवस्था
अभी तक लोग नवीनीकरण शुल्क जमा कर देते थे लेकिन नवीनीकरण नहीं कराते थे। सुविधा एवं समायनुसार लोग नवीनीकरण कराते थे। ऐसे में सैकड़ों के नवीनीकरण अभिलेखों में दर्ज नहीं हो पाते थे।
नई नियमावली में नवीनीकरण अवधि पूरा होने से 60 दिन पूर्व निर्धारित शुल्क चालान के साथ नवीनीकरण आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त होना अनिवार्य है। विलंब होने पर दो हजार रुपये का निर्धारित विलंब शुल्क देय होगा। शासन ने सभी शस्त्रों का नवीनीकरण शुल्क 1500 रुपये कर दिया है।
अनिल उपाध्याय, प्रशासनिक अधिकारी