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Agra News: 19 दिन में 46 तालाब और 'गायब', राजस्व विभाग के पोर्टल पर फीडिंग में फर्जीवाड़ा

Thu, 09 Jun 2022 12:04 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 09 Jun 2022 12:04 AM IST
सार

राजस्व विभाग के पोर्टल पर 18 मई तक 3422 तालाब दर्ज थे, जो 6 जून को घटकर 3376 रह गए। इससे पहले 325 तालाब रिकॉर्ड से गायब हो चुके हैं। 

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46 ponds missing on the portal of Revenue Department in Agra
तालाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा जिले में एक तरफ अमृत सरोवर के लिए तालाबों की तलाश हो रही है, दूसरी तरफ राजस्व विभाग के पोर्टल पर तालाबों का ब्योरा फीड करने में फर्जीवाड़ा सामने आया है। पहले 17 महीने में 325 तालाब गायब हुए थे। अब पिछले 19 दिनों में 46 तालाब और कम हो गए। राजस्व विभाग के पोर्टल पर 18 मई तक 3422 तालाबों का ब्योरा दर्ज था, जो 6 जून को घटकर 3376 रह गया है। एडीएम प्रशासन ने फीडिंग में गड़बड़ी बताते हुए इसकी जांच के लिए सभी एसडीएम की बैठक बुलाई है।

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जिले में 70 साल पुराने स्वरूप में तालाबों को पुनर्जीवित करने के आदेश इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शासन को दिए हैं। राजस्व परिषद अध्यक्ष ने इसके लिए सभी तहसीलों से तालाबों की संख्या, क्षेत्रफल सहित 16 बिंदुओं पर ब्योरा राजस्व विभाग के पोर्टल पर दर्ज कराने के आदेश किए हैं। ब्योरा फीडिंग के दौरान राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। 

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सबसे ज्यादा किरावली में कम हुए

पिछले 19 दिन में हुई फीडिंग में 46 तालाब गायब हो गए। इनमें सबसे ज्यादा 35 तालाब किरावली में कम हुए हैं। अमर उजाला के पास मौजूद राजस्व पोर्टल की 18 मई की रिपोर्ट के मुताबिक जिले की छह तहसीलों में कुल 3422 तालाब थे। छह जून तक की रिपोर्ट में इनकी संख्या घटकर 3376 रह गई। इस तरह 19 दिनों में 46 तालाब रिकॉर्ड से गायब हुए हैं। 

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इससे पहले 325 तालाब रिकॉर्ड से गायब हो चुके हैं। 31 दिसंबर 2020 को जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा की थी। जहां उनके सामने जिले में 3747 तालाबों का विवरण रखा गया था। इसके 17 महीने बाद राजस्व पोर्टल पर 3422 तालाब फीड हुए। 

इस तरह 325 तालाबों का राजस्व कर्मियों ने फीडिंग के लिए ब्योरा दर्ज नहीं कराया। इधर, शहर में 75 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य नगर निगम को मिला है। जिनके सापेक्ष निगम महज तीन तालाब चिह्नित कर सका है। जबकि शहरी क्षेत्र में 50 से अधिक तालाब राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इनमें 30 से अधिक की भूमि पर पक्के निर्माण हो चुके हैं। 

फीडिंग में गड़बड़ी

एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व पोर्टल पर तालाबों की फीडिंग में गड़बड़ी है। सभी एसडीएम की बैठक बुलाई है। जिन तालाबों का ब्योरा दर्ज नहीं है, उनका ब्योरा मांगा जाएगा। लापरवाही किस स्तर पर है, इसकी भी जांच कराई जाएगी।

अतिक्रमण की समीक्षा

आगरा के कमिश्नर अमित गुप्ता ने कहा कि तालाबों पर हुए अतिक्रमण की समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। तालाबों से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।

ऐसे गायब हुए तालाब

- 31 दिसंबर 2020 को जिले में 3747 तालाब थे।
- 22 दिसंबर 2021 को 3742 तालाब रह गए।
- 18 मई 2022 को पोर्टल पर 3422 तालाब बचे।
- 6 जून 2022 को जिले में 3376 तालाब रह गए।

21 कब्जामुक्त तालाब भी गायब

कब्जा व अतिक्रमण मुक्त तालाबों के आंकड़ों में भी हेराफेरी हो गई। 18 मई तक जिले की छह तहसीलों में 2836 तालाब अतिक्रमण मुक्त थे। जिनके ऊपर कोई कब्जा नहीं था। छह जून की रिपोर्ट में अतिक्रमण मुक्त तालाबों की संख्या 2815 रह गई है। ऐसे में 21 कब्जा मुक्त तालाब भी गायब हो गए हैं। 

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