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गुस्ल की रस्म अदायगी के साथ शुरू हुआ शेख सलीम चिश्ती का 449वां सलाना उर्स
Sun, 26 May 2019 11:27 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 26 May 2019 11:27 AM IST
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दरगाह पर फूलों की चादर चढ़ाते सज्जादानशीं
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर सीकरी में सूफी संत हजरत शेख सलीम चिश्ती का 449वां सालाना उर्स मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदायगी के साथ रविवार को शुरू हो गया। इस मौके पर सज्जादानशीं रहीस मियां ने मजार पर फूलों की चादर चढ़ाई।
उर्स के पहले दिन हजरत शेख सलीम चिश्ती के चिह्नों की जियारत होगी। 27 मई से तीन जून तक शाम को बुलंद दरवाजे पर मजलिस होगी। एक जून को जामा मस्जिद दरगाह परिसर में नातिया जलसा आयोजित किया जाएगा।
दो जून को सज्जादानशी हाउस कचहरी परिसर में रोजा इफ्तार के पश्चात कव्वाली की महफिल सजेगी। तीन जून को मीलाद शरीफ एवं चार जून की अलसुबह चार बजे कुल शरीफ की रस्म अदायगी की जाएगी। तीन जून को मुख्य कार्यक्रम होगा।
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इस दिन हजारों की तादाद में जायरीन, अकीदतमंद अपने परिवार के साथ दरगाह परिसर में रैन बसेरा करते हैं। शेख सलीम चिश्ती का उर्स भाईचारे की मिसाल है। इसमें में हिंदू, मुसलमान बराबर की भागीदारी करते हैं।
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उर्स के पहले दिन हजरत शेख सलीम चिश्ती के चिह्नों की जियारत होगी। 27 मई से तीन जून तक शाम को बुलंद दरवाजे पर मजलिस होगी। एक जून को जामा मस्जिद दरगाह परिसर में नातिया जलसा आयोजित किया जाएगा।
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दो जून को सज्जादानशी हाउस कचहरी परिसर में रोजा इफ्तार के पश्चात कव्वाली की महफिल सजेगी। तीन जून को मीलाद शरीफ एवं चार जून की अलसुबह चार बजे कुल शरीफ की रस्म अदायगी की जाएगी। तीन जून को मुख्य कार्यक्रम होगा।
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इस दिन हजारों की तादाद में जायरीन, अकीदतमंद अपने परिवार के साथ दरगाह परिसर में रैन बसेरा करते हैं। शेख सलीम चिश्ती का उर्स भाईचारे की मिसाल है। इसमें में हिंदू, मुसलमान बराबर की भागीदारी करते हैं।