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धीमी गति से चल रहा एटा-कासगंज फोरलेन का कार्य
Updated Tue, 06 Nov 2018 10:14 PM IST
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कैलशा बाईपास पर टूटी पड़ी सड़क।
- फोटो : amar ujala
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एटा। एटा-कासगंज फोरलेन पर कार्यदायी संस्था द्वारा किए जा रहे धीमी गति से कार्य के कारण आबादी क्षेत्र में वाहनों के साथ आंधी की तरह धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों के साथ साथ आसपास के ग्रामीणों को भी खासी परेशानी होती है। उधर, कार्यदायी संस्था भी गांव किनारे मोटी गिट्टी डालकर भूल गई है।
फोरलेन निर्माण कार्य में संस्था की लापरवाही उजागर हो रही है लेकिन अधिकारी अंजान है। एटा की ओर से किमी एक से किमी सात तक पीएनसी कंपनी ने मार्ग को डामरीकरण तक लाकर काफी लंबे समय से छोड़ दिया है। मोटी गिट्टी का कुटान भी हो गया है लेकिन संस्था इतने क्षेत्र में डामरीकरण नहीं करा पा रही है। इसका प्रतिकूल असर सड़क किनारे बसे आबादी क्षेत्र के बाशिंदों पर पड़ रहा है। यहां के बाशिंदों के घरों में तक धूल जम रही है। धूल से घरों में रह रहे छोटे-छोटे बच्चे अस्थमा जैसी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। आंधी की तरह उड़ने वाली धूल से राहगीर भी परेशान है।
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फोरलेन निर्माण कार्य में संस्था की लापरवाही उजागर हो रही है लेकिन अधिकारी अंजान है। एटा की ओर से किमी एक से किमी सात तक पीएनसी कंपनी ने मार्ग को डामरीकरण तक लाकर काफी लंबे समय से छोड़ दिया है। मोटी गिट्टी का कुटान भी हो गया है लेकिन संस्था इतने क्षेत्र में डामरीकरण नहीं करा पा रही है। इसका प्रतिकूल असर सड़क किनारे बसे आबादी क्षेत्र के बाशिंदों पर पड़ रहा है। यहां के बाशिंदों के घरों में तक धूल जम रही है। धूल से घरों में रह रहे छोटे-छोटे बच्चे अस्थमा जैसी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। आंधी की तरह उड़ने वाली धूल से राहगीर भी परेशान है।
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