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सरकारी अस्पताल के गेट पर महिला ने दिया बच्ची को जन्म
Updated Mon, 15 Oct 2018 10:17 PM IST
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एटा। जिले के स्वास्थ्य महकमा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पतालों में चिकित्सकों की लेट पहुंचने का आलम बदस्तूर जारी है। मंगलवार को एक नया मामला सामने आया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खडऊआ के गेट पर एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। हालांकि जच्चा बच्चा दोनों पूरी तरह से ठीक है। इस प्रकार की यह सप्ताह भर में ही दूसरी घटना है।
गांव बैंदुला निवासी धर्मेंद्र की पत्नी रेखा को प्रसव के लिए परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खडऊआ पर सुबह सात बजे लेकर पहुंचे। इस समय वहां न कोई चिकित्सक और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद था। पीड़िता दर्द से तड़प रही थी। परिजन स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सको का इंतजार करते रहे। साढ़े नौ बजे तक कोई नहीं पहुंचा। इसके कुछ देर बाद ही रेखा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। 10.30 बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी पहुंचे। तब तक जच्चा और बच्चा को परिजन खुले में ही लेकर बैठे रहे। आरोप है कि तीन घंटे इंतजार करने के बाद भी कोई चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचा।
वर्जन
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खडऊआ पर रात में प्रसव कराने की व्यवस्था नहीं है। वहां पर महिला प्रसव के लिए पहुंची थी। लेकिन उसका प्रसव आया द्वारा कराया गया। अक्तूबर से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने का समय 10 बजे का हो गया है। इसलिए प्रभारी चिकित्साधिकारी देर से पहुंचे थे।
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डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ
स्वास्थ्य केन्द्र गेट पर हुए प्रसव मामले की जांच करेंगे एसडीएम
एटा। पिछले सप्ताह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अलीगंज के गेट पर बच्ची को जन्म देने वाली पीड़िता प्रसूता बसंती देवी प्रकरण की जांच एसडीएम अलीगंज शिव सिंह को सौंपी गई है। बताते चले कि कस्बा अलीगंज के मोहल्ला सुदर्शन निवासी महिला बसंती देवी पत्नी राजपाल प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची। जहां चिकित्सकों की लापरवाही के चलते महिला ने स्वास्थ्य केन्द्र के गेट पर बच्ची को जन्म दिया था। इसको लेकर सीएमओ डा. अजय अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों से जांच कराई थी। जिससे जिला प्रशासन संतुष्ट नहीं है। इसको लेकर जिलाधिकारी आईपी पांडेय ने प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच कराए जाने के लिए निर्देश दिए है। वहीं जांच अधिकारी एसडीएम अलीगंज शिव सिंह को बनाया गया है। जिन्हें जल्द अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है।
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गांव बैंदुला निवासी धर्मेंद्र की पत्नी रेखा को प्रसव के लिए परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खडऊआ पर सुबह सात बजे लेकर पहुंचे। इस समय वहां न कोई चिकित्सक और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद था। पीड़िता दर्द से तड़प रही थी। परिजन स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सको का इंतजार करते रहे। साढ़े नौ बजे तक कोई नहीं पहुंचा। इसके कुछ देर बाद ही रेखा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। 10.30 बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी पहुंचे। तब तक जच्चा और बच्चा को परिजन खुले में ही लेकर बैठे रहे। आरोप है कि तीन घंटे इंतजार करने के बाद भी कोई चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचा।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खडऊआ पर रात में प्रसव कराने की व्यवस्था नहीं है। वहां पर महिला प्रसव के लिए पहुंची थी। लेकिन उसका प्रसव आया द्वारा कराया गया। अक्तूबर से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने का समय 10 बजे का हो गया है। इसलिए प्रभारी चिकित्साधिकारी देर से पहुंचे थे।
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डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ
स्वास्थ्य केन्द्र गेट पर हुए प्रसव मामले की जांच करेंगे एसडीएम
एटा। पिछले सप्ताह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अलीगंज के गेट पर बच्ची को जन्म देने वाली पीड़िता प्रसूता बसंती देवी प्रकरण की जांच एसडीएम अलीगंज शिव सिंह को सौंपी गई है। बताते चले कि कस्बा अलीगंज के मोहल्ला सुदर्शन निवासी महिला बसंती देवी पत्नी राजपाल प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची। जहां चिकित्सकों की लापरवाही के चलते महिला ने स्वास्थ्य केन्द्र के गेट पर बच्ची को जन्म दिया था। इसको लेकर सीएमओ डा. अजय अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों से जांच कराई थी। जिससे जिला प्रशासन संतुष्ट नहीं है। इसको लेकर जिलाधिकारी आईपी पांडेय ने प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच कराए जाने के लिए निर्देश दिए है। वहीं जांच अधिकारी एसडीएम अलीगंज शिव सिंह को बनाया गया है। जिन्हें जल्द अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है।