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श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई श्रद्धा की डुबकी
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:47 PM IST
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दशाश्वमेध घाट पर चन्द्र ग्रहण लगने के पूर्व स्नान करते श्रद्वालु
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज/सोरों।
श्रावण मास की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर गंगा में स्नान किया। गंगा घाटों पर बनें मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वहीं निर्धनों व साधू संतों को दान दक्षिणा दी।
कछला गंगा घाट, लहरा गंगा घाट, कादरगंज घाट सहित सोरों में हरि की पैड़ी में पर एक दिन पूर्व ही पहुंचना शुरू हो गए। उन्होंने भोर होते ही गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। श्रद्धालु हर हर गंगे के जयकारे लगाते नर आए। गंगा में बड़े जल स्तर के चलते निशान लगाए गए, जिससे श्रद्धालु खतरे के निशान से आगे न निकल जाएं। वहीं हरि की पैड़ी में भी लोगों ने गंगा स्नान किया। वहीं घाटों पर बने मंदिरों में गंगा मैया के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गंगा की आरती उतारकर प्रसाद का वितरण किया। श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी की परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया। परिक्रमा मार्ग में साधुुु संतों को अन्न व वस्त्र दान किए वराह घाट पहुुंचकर श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति को पूजन अनुष्ठान कराया। श्रद्धालुओं ने आदि वराह, श्याम वराह, रघुुनाथ, सिद्ध विनायक, बालाजी दरबार, सिद्ध हनुुमान, सोमेश्वर, द्वारिकाधीश, पंच महाशक्ति, बटुुकनाथ, 84 घंटे वाली माता, मानस मंदिर आदि मंदिरों मेें दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। देर सांय तक श्रद्धालु गंगा स्नान करते रहे।
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श्रावण मास की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर गंगा में स्नान किया। गंगा घाटों पर बनें मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वहीं निर्धनों व साधू संतों को दान दक्षिणा दी।
कछला गंगा घाट, लहरा गंगा घाट, कादरगंज घाट सहित सोरों में हरि की पैड़ी में पर एक दिन पूर्व ही पहुंचना शुरू हो गए। उन्होंने भोर होते ही गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। श्रद्धालु हर हर गंगे के जयकारे लगाते नर आए। गंगा में बड़े जल स्तर के चलते निशान लगाए गए, जिससे श्रद्धालु खतरे के निशान से आगे न निकल जाएं। वहीं हरि की पैड़ी में भी लोगों ने गंगा स्नान किया। वहीं घाटों पर बने मंदिरों में गंगा मैया के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गंगा की आरती उतारकर प्रसाद का वितरण किया। श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी की परिक्रमा कर हरिनाम का संकीर्तन किया। परिक्रमा मार्ग में साधुुु संतों को अन्न व वस्त्र दान किए वराह घाट पहुुंचकर श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति को पूजन अनुष्ठान कराया। श्रद्धालुओं ने आदि वराह, श्याम वराह, रघुुनाथ, सिद्ध विनायक, बालाजी दरबार, सिद्ध हनुुमान, सोमेश्वर, द्वारिकाधीश, पंच महाशक्ति, बटुुकनाथ, 84 घंटे वाली माता, मानस मंदिर आदि मंदिरों मेें दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। देर सांय तक श्रद्धालु गंगा स्नान करते रहे।
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