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अब जिला सहकारी समितियों के 11 करोड़ से सुधरेंगे हालात
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:54 PM IST
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रामपुर में पनवड़िया पुल के पास निर्माणाधीन रोड। -अमर उजाला
एटा। जिला सहकारी समितियों का कायाकल्प करने की तैयारियां की जा रही हैं। जिसके लिए आईसीडीपी (इंटग्रेटेड को-ऑपरेटिव डवलपमेंट प्रोजेक्ट) की धनराशि से कार्य कराने की अनुमति जिलाधिकारी से भी मिल गई है। किराए के भवनों में चल रही समितियों को अपनी जमीन पर स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
जिला सहकारी बैंक के अधीन कार्य करने वाली 84 समितियां हैं। जिसमें से वर्तमान में अधिकांश समितियां किराए के भवनों में चल रही हैं। जिला सहकारी समितियों के मद में वित्तीय वर्ष की 11 करोड़ रुपए धनराशि आईसीपीडी की पड़ी हुई थी जो लैप्स होने की स्थिति में थी। जिसको पहल करते हुए जिलाधिकारी समितियों को सुधारने के लिए रुकवा लिया गया है। इस धनराशि को जिले भर की समितियों को सुधारने में लगाया जाएगा। इतना ही नहीं भवन निर्माण के साथ ही बाउंड्रीवॉल भी कराई जाएगी ताकि समिति की जमीन की ओर कोई आंख न उठा सके।
इनका कहना है
आईसीपीडी की 11 करोड़ रुपये धनराशि वित्तीय वर्ष की पड़ी हुई थी जिसका अनुमोदन जिलाधिकारी से करा लिया गया है। जिससे समितियों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा साथ ही किराए के भवनों में चल रही समितियों के लिए जमीन खरीद कर भवन निर्माण कराया जाएगा।
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भूपेन्द्र सिंह, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, एटा
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जिला सहकारी बैंक के अधीन कार्य करने वाली 84 समितियां हैं। जिसमें से वर्तमान में अधिकांश समितियां किराए के भवनों में चल रही हैं। जिला सहकारी समितियों के मद में वित्तीय वर्ष की 11 करोड़ रुपए धनराशि आईसीपीडी की पड़ी हुई थी जो लैप्स होने की स्थिति में थी। जिसको पहल करते हुए जिलाधिकारी समितियों को सुधारने के लिए रुकवा लिया गया है। इस धनराशि को जिले भर की समितियों को सुधारने में लगाया जाएगा। इतना ही नहीं भवन निर्माण के साथ ही बाउंड्रीवॉल भी कराई जाएगी ताकि समिति की जमीन की ओर कोई आंख न उठा सके।
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इनका कहना है
आईसीपीडी की 11 करोड़ रुपये धनराशि वित्तीय वर्ष की पड़ी हुई थी जिसका अनुमोदन जिलाधिकारी से करा लिया गया है। जिससे समितियों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा साथ ही किराए के भवनों में चल रही समितियों के लिए जमीन खरीद कर भवन निर्माण कराया जाएगा।
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भूपेन्द्र सिंह, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक, एटा