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लेखपालों का बेमियादी हड़ताल शुरू, काम बंद
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:04 PM IST
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मैनपुरी/किशनी/घिरोर/करहल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपालों ने मंगलवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। काम बंद करके तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया।
मांगें पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन संबंधित एसडीएम को दिए। सात सूत्री मांगें पूरी कराने के लिए उप्र लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपाल लंबे समय से आंदोलन की राह पर हैं।
मंगलवार से लेखपालों ने काम बंद करके बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। तहसील सदर में दिए गए धरने में तहसील अध्यक्ष दीपचंद्र शर्मा ने कहा लेखपालों की जायज मांगों की सरकार अनदेखी कर रही है।
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वेतन उच्चीकरण की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लेखपालों की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया जा रहा है। तहसील मंत्री ब्रजेश सिंह राठौर ने कहा कि लेखपाल लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
भत्तों में वृद्धि की मांग अनसुनी की जा रही है। महेश सिंह तोमर ने कहा कि लेखपालों की राजस्व निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाए। तहसीलों के अनुसार नए पद सृजित किए जाएं।
मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री मांगपत्र एसडीएम सदर को दिया गया। दयाराम शाक्य, गंभीर सिंह यादव, रणधीर सिंह, जयदीप कश्यप रहे।
मांगों को लेकर किशनी, घिरोर और करहल के लेखपालों ने भी कलमबंद हड़ताल रखी। लेखपालों की हड़ताल के कारण आय-जाति और अन्य प्रमाण पत्रों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा। लेखपालों ने तहसील में ही एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। घिरोर में हड़ताल के दौरान तहसील के अध्यक्ष जगत सिंह राजपूत, राजेश कुमार यादव, सचिन, ललित किशोर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल यादव, कनिष्ट उपाध्यक्ष गौरव वर्मा, सचिन कुमारी, चांदनी, किशोर, कोषाध्यक्ष रजनी, लेखा परीक्षक अजीत कुमार, लल्लू खां आदि लेखपाल उपस्थित रहे। करहल तहसील में विनय प्रताप यादव, सचिव रामप्रताप यादव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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मांगें पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन संबंधित एसडीएम को दिए। सात सूत्री मांगें पूरी कराने के लिए उप्र लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपाल लंबे समय से आंदोलन की राह पर हैं।
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मंगलवार से लेखपालों ने काम बंद करके बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। तहसील सदर में दिए गए धरने में तहसील अध्यक्ष दीपचंद्र शर्मा ने कहा लेखपालों की जायज मांगों की सरकार अनदेखी कर रही है।
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वेतन उच्चीकरण की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लेखपालों की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया जा रहा है। तहसील मंत्री ब्रजेश सिंह राठौर ने कहा कि लेखपाल लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
भत्तों में वृद्धि की मांग अनसुनी की जा रही है। महेश सिंह तोमर ने कहा कि लेखपालों की राजस्व निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाए। तहसीलों के अनुसार नए पद सृजित किए जाएं।
मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री मांगपत्र एसडीएम सदर को दिया गया। दयाराम शाक्य, गंभीर सिंह यादव, रणधीर सिंह, जयदीप कश्यप रहे।
मांगों को लेकर किशनी, घिरोर और करहल के लेखपालों ने भी कलमबंद हड़ताल रखी। लेखपालों की हड़ताल के कारण आय-जाति और अन्य प्रमाण पत्रों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा। लेखपालों ने तहसील में ही एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। घिरोर में हड़ताल के दौरान तहसील के अध्यक्ष जगत सिंह राजपूत, राजेश कुमार यादव, सचिन, ललित किशोर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल यादव, कनिष्ट उपाध्यक्ष गौरव वर्मा, सचिन कुमारी, चांदनी, किशोर, कोषाध्यक्ष रजनी, लेखा परीक्षक अजीत कुमार, लल्लू खां आदि लेखपाल उपस्थित रहे। करहल तहसील में विनय प्रताप यादव, सचिव रामप्रताप यादव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।