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24 घंटे तक होती रही युवक की लाश पर सौदेबाजी
Updated Mon, 12 Mar 2018 11:06 PM IST
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एटा। मंदिर पर पोताई करते समय रविवार को करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाले मजदूर राकेश की लाश पर रात भर सौदेबाजी होती रही। पोताई के लिए राकेश को बुलाने वाले शख्स की कोशिश थी कि कम से कम पैसे देकर वह परिजनों को शांत करा दे लेकिन परिवार के लोग और रिश्तेदार ज्यादा मुआवजा मांगते रहे। आखिर में बात नहीं बनी तो शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
शहर के चोंचावन गांव निवासी राकेश मजदूरी के सहारे परिवार का गुजारा करता था। रविवार को वह वर्मा नगर निवासी सहदेव के मंदिर पर पोताई कर रहा था। तभी उसे करंट लग गया था। उसकी मौत हो गई। खबर पाकर राकेश की पत्नी सुमन समेत तमाम रिश्तेदार जुट गए। मुहल्ले वाले भी जमा हो गए। इसके बाद मजदूर की मौत पर सौदेबाजी होने लगी। आरोप है कि सहदेव की कोशिश थी कि मामला पुलिस तक नहीं पहुंचे। किसी तरह कुछ पैसा देकर राकेश के परिवार के लोगों को चुप करा दीजिए।
आधी रात तक राकेश की जान की कीमत लगाई जाती रही। 50 हजार से मामला एक लाख रुपये तक पहुंचा। वहां आने वाला हर शख्स कम या ज्यादा कीमत लगा देता। सहदेव के पक्ष के लोग कम से कम पैसे पर मामला सुलटाने की कोशिश कर रहे थे जबकि राकेश के परिजन और रिश्तेदार चाह रहे थे कि उसकी पत्नी को कम से कम पांच लाख रुपये दिए जाएं ताकि वह गुजर-बसर कर सके।
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सुमन का आरोप है कि सहदेव ने राकेश से कहा था कि वह बिजली की लाइन काट दे रहा है लेकिन उसने लाइन नहीं काटी जिसकी वजह से उसका पति करंट की चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई।
बताया जाता है कि आखिर में दो लाख रुपये पर सौदा तय हो गया था लेकिन आधी रात में राकेश के एक रिश्तेदार ने आकर अधिक मुआवजा देने की बात कही जिसके बाद परिजन फिर भड़क गए। सोमवार सुबह सुमन ने थाने में शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। अब मामला पुलिस के हाथ में है। पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है।
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शहर के चोंचावन गांव निवासी राकेश मजदूरी के सहारे परिवार का गुजारा करता था। रविवार को वह वर्मा नगर निवासी सहदेव के मंदिर पर पोताई कर रहा था। तभी उसे करंट लग गया था। उसकी मौत हो गई। खबर पाकर राकेश की पत्नी सुमन समेत तमाम रिश्तेदार जुट गए। मुहल्ले वाले भी जमा हो गए। इसके बाद मजदूर की मौत पर सौदेबाजी होने लगी। आरोप है कि सहदेव की कोशिश थी कि मामला पुलिस तक नहीं पहुंचे। किसी तरह कुछ पैसा देकर राकेश के परिवार के लोगों को चुप करा दीजिए।
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आधी रात तक राकेश की जान की कीमत लगाई जाती रही। 50 हजार से मामला एक लाख रुपये तक पहुंचा। वहां आने वाला हर शख्स कम या ज्यादा कीमत लगा देता। सहदेव के पक्ष के लोग कम से कम पैसे पर मामला सुलटाने की कोशिश कर रहे थे जबकि राकेश के परिजन और रिश्तेदार चाह रहे थे कि उसकी पत्नी को कम से कम पांच लाख रुपये दिए जाएं ताकि वह गुजर-बसर कर सके।
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सुमन का आरोप है कि सहदेव ने राकेश से कहा था कि वह बिजली की लाइन काट दे रहा है लेकिन उसने लाइन नहीं काटी जिसकी वजह से उसका पति करंट की चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई।
बताया जाता है कि आखिर में दो लाख रुपये पर सौदा तय हो गया था लेकिन आधी रात में राकेश के एक रिश्तेदार ने आकर अधिक मुआवजा देने की बात कही जिसके बाद परिजन फिर भड़क गए। सोमवार सुबह सुमन ने थाने में शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। अब मामला पुलिस के हाथ में है। पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है।