{"_id":"5a9d86794f1c1b8a258b58a7","slug":"41520273017-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ कागजी कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ कागजी कार्रवाई की तैयारी
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। नगला भाऊ स्थित औद्योगिक आस्थान में बिना सहमति के चल रही केमिकल फैक्ट्री में धमाका हुए पांच दिन गुजर गए, लेकिन अभीतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उद्योग विभाग ने जहां मामले से नजरें फेर लीं हैं, वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कागजी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
टीटीजेड में पर्यावरण संरक्षण के लिए कांच उद्योग पर तमाम बंदिशें लगीं हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मिलीभगत से जिले में तमाम प्रदूषणकारी इकाइयां चल रहीं हैं। शिकोहाबाद में अवैध रूप से केमिकल फैक्ट्री के संचालन का मामला सामने आया था। नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान में बिना सहमति के केमिकल फैक्ट्री का संचालन हो रहा था।
28 फरवरी की रात करीब दो बजे जेपी केमिकल फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट होने से पूरा औद्योगिक क्षेत्र दहला था। धमाका इतनी तेज था कि फैक्ट्री में टिनशेड के परखच्चे उड़ने के साथ विस्फोट का मलवा काफी दूर तक गिरा था। आसपास के कारखानों की दीवारों में दरारें पड़ गई थीं। फैक्ट्री स्वामी ने विस्फोट दबाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी के निरीक्षण में पोल खुल गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट की घटना को पांच दिन गुजरने के बाद भी उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई के बजाए कागजी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
टीटीजेड में पर्यावरण संरक्षण के लिए कांच उद्योग पर तमाम बंदिशें लगीं हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मिलीभगत से जिले में तमाम प्रदूषणकारी इकाइयां चल रहीं हैं। शिकोहाबाद में अवैध रूप से केमिकल फैक्ट्री के संचालन का मामला सामने आया था। नगला भाऊ औद्योगिक आस्थान में बिना सहमति के केमिकल फैक्ट्री का संचालन हो रहा था।
विज्ञापन
28 फरवरी की रात करीब दो बजे जेपी केमिकल फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट होने से पूरा औद्योगिक क्षेत्र दहला था। धमाका इतनी तेज था कि फैक्ट्री में टिनशेड के परखच्चे उड़ने के साथ विस्फोट का मलवा काफी दूर तक गिरा था। आसपास के कारखानों की दीवारों में दरारें पड़ गई थीं। फैक्ट्री स्वामी ने विस्फोट दबाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी के निरीक्षण में पोल खुल गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट की घटना को पांच दिन गुजरने के बाद भी उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई के बजाए कागजी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।