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अधीक्षक ने की अभद्रता, डाकपालों में आक्रोश
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:24 PM IST
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डेमो तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। आरडी खाते खुलवाने के लिए रविवार की शाम बुलाई गई बैठक में डाक अधीक्षक ने डाकपालों से अभद्रता की। आक्रोशित डाकपाल बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए और नारेबाजी की। डाकपालों ने संचार मंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
शासन के खाते खुलवाने के निर्देश पर रविवार की शाम डाक अधीक्षक ने कचहरी स्थित कार्यालय में डाकपालों की बैठक बुलाई। बैठक में डाक अधीक्षक आरपी शंखवार ने डाकपालों को अधिक से अधिक खाते खोलने को कहा। पूर्व में डाकपालों द्वारा खोले गए खातों के संबंध में चल रही जांच से भयभीत डाकपालों ने जब नियमानुसार ही खाते खोलने की बात कही तो डाक अधीक्षक ने जमकर अभद्रता की।
डाकपालों ने जब विरोध किया तो उनको निलंबित कराने के साथ ही झूठी रिपोर्ट तक लिखाने की धमकी दी। आक्रोशित डाकपाल बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए। उन्होंने डाक अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी की। डाकपालों का आरोप है मार्च 2017 में डाक अधीक्षक ने जो खाते जबरन खुलवाए थे उनकी शासन स्तर से जांच चल रही है।
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अधीक्षक मनमानी करके उनका शोषण कर रहे हैं। डाकपालों ने संचार मंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। डाक अधीक्षक आरपी शंखवार का कहना है उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। डाकपालों को शासन के निर्देश के अनुसार ही काम करना होगा।
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शासन के खाते खुलवाने के निर्देश पर रविवार की शाम डाक अधीक्षक ने कचहरी स्थित कार्यालय में डाकपालों की बैठक बुलाई। बैठक में डाक अधीक्षक आरपी शंखवार ने डाकपालों को अधिक से अधिक खाते खोलने को कहा। पूर्व में डाकपालों द्वारा खोले गए खातों के संबंध में चल रही जांच से भयभीत डाकपालों ने जब नियमानुसार ही खाते खोलने की बात कही तो डाक अधीक्षक ने जमकर अभद्रता की।
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डाकपालों ने जब विरोध किया तो उनको निलंबित कराने के साथ ही झूठी रिपोर्ट तक लिखाने की धमकी दी। आक्रोशित डाकपाल बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए। उन्होंने डाक अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी की। डाकपालों का आरोप है मार्च 2017 में डाक अधीक्षक ने जो खाते जबरन खुलवाए थे उनकी शासन स्तर से जांच चल रही है।
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अधीक्षक मनमानी करके उनका शोषण कर रहे हैं। डाकपालों ने संचार मंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। डाक अधीक्षक आरपी शंखवार का कहना है उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। डाकपालों को शासन के निर्देश के अनुसार ही काम करना होगा।