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वसंत पंचमी पर जिले में 400 से अधिक स्थानों पर गूंजेंगी शहनाइयां
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वसंत पंचमी पर वैवाहिक कार्यक्रमों को भी लोग महत्व देते हैं। माता सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ इस साल भी वसंत पंचमी के दिन जिले में शहनाइयों की धूम रहेगी। जिले में 400 से अधिक स्थानों पर वैवाहिक कार्यक्रम होने की संभावना है।
वसंत पंचमी के दिन जिले में 400 से अधिक शादियां होने जा रही हैं। जिसके लिए बारात घर बुक हो चुके हैं वहीं टेंट हाउस की बुकिंग चार से पांच-पांच स्थानों पर है। जिन लोगों को बारात घर नहीं मिल सके हैं वे गांव और गलियों में ही टेंट लगाकर शादी विवाह समारोह का आयोजन करेंगे। आचार्य रामानंदन बताते हैं कि वसंत पंचमी के बाद फिर एक महीने तक शादी समारोह के लिए शुभ तिथि नहीं है। इसी कारण इस बार वसंत पंचमी के दिन बड़ी तादात में शादियां होने जा रही हैं। वसंत पंचमी के शादी समारोह बहुत शुभ भी हैं।
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हरी-हरी धरती पै, पीले-पीले कढ़े पुष्प
बीच लाल-लाल और नीले वर्ण फूल हैं।
कहीं श्वेत श्याम कहीं, इंद्र धनुषी हैं रंग,
रंग में तरंग भरें, कूल व दुकूल हैं।
शीतल सुगंध मंद, पवन के संग-संग,
खेलें अठखेली वृक्ष, समयानुकूल हैं।
ओढ़ ऐसी चूनरी प्रकृति, सज-धज आज
आ रहे हैं कंत, रहे अंग-अंग फूल हैं।
- डॉ. पदम सिंह पदम्
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वसंत पंचमी के दिन जिले में 400 से अधिक शादियां होने जा रही हैं। जिसके लिए बारात घर बुक हो चुके हैं वहीं टेंट हाउस की बुकिंग चार से पांच-पांच स्थानों पर है। जिन लोगों को बारात घर नहीं मिल सके हैं वे गांव और गलियों में ही टेंट लगाकर शादी विवाह समारोह का आयोजन करेंगे। आचार्य रामानंदन बताते हैं कि वसंत पंचमी के बाद फिर एक महीने तक शादी समारोह के लिए शुभ तिथि नहीं है। इसी कारण इस बार वसंत पंचमी के दिन बड़ी तादात में शादियां होने जा रही हैं। वसंत पंचमी के शादी समारोह बहुत शुभ भी हैं।
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हरी-हरी धरती पै, पीले-पीले कढ़े पुष्प
बीच लाल-लाल और नीले वर्ण फूल हैं।
कहीं श्वेत श्याम कहीं, इंद्र धनुषी हैं रंग,
रंग में तरंग भरें, कूल व दुकूल हैं।
शीतल सुगंध मंद, पवन के संग-संग,
खेलें अठखेली वृक्ष, समयानुकूल हैं।
ओढ़ ऐसी चूनरी प्रकृति, सज-धज आज
आ रहे हैं कंत, रहे अंग-अंग फूल हैं।
- डॉ. पदम सिंह पदम्