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UP: पानी की तरह बहा दिए 4.11 अरब रुपये, फिर भी न सुधरे हालात...टूटी सड़कें; गड्ढों पर लीपापोती
Mon, 14 Oct 2024 08:40 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 14 Oct 2024 08:40 AM IST
सार
लोक निर्माण विभाग ने आगरा की सड़कों को सुधारने के लिए 4.11 अरब रुपये पानी की तरह बहा दिए, लेकिन हालात नहीं सुधरे। अभी भी सड़कों का हाल बेहाल है। वहीं गड्ढों को भरने के नाम पर भी लीपापोती की गई है।
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आगरा की सड़कों का हाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में सड़कों को भ्रष्टाचार का दीमक चाट रहा है। 2022-23 और 2023-24 में सड़क मार्गों की मरम्मत, नवीनीकरण, चौड़ीकरण के नाम पर 4.11 अरब रुपये फूंक दिए। फिर भी सड़क चलने लायक नहीं हो सकीं। 450 किमी सड़कों पर गड्ढे हैं, जिनके पैचवर्क में लीपापोती हो रही है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए थे। मियाद खत्म होने के बाद भी सड़कों पर गड्ढे नहीं भर सके। जिले में पीडब्ल्यूडी की 1693 सड़कें हैं, जिनकी लंबाई 4,425 किमी है। 70 प्रतिशत ग्रामीण मार्ग हैं, जो वर्षों से जर्जर हैं। गड्ढों से दुर्घटनाएं हो रही हैं फिर भी विभागीय इंजीनियर और ठेकेदार आंख मूंदे हुए हैं।
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सड़क निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार के कारण एक बारिश में ही नई सड़क उखड़ गई। 2024-25 में 200 सड़क मार्गों पर 450 किमी पैचवर्क प्रस्तावित है। करीब 3.13 करोड़ रुपये लागत आएगी। लोगों का आरोप है कि गड्ढामुक्त के लिए चिह्नित सड़कों के सर्वे में भी घालमेल हो रहा है। विधायक व अधिकारियों की सड़कें हर साल काली हो जाती हैं जबकि जिन सड़कों से ग्रामीण व आम लोगों को रोज गुजरना पड़ रहा है वो जर्जर हैं।
कमीशन 40 प्रतिशत तक चल रहा
पीडब्ल्यूडी के पूर्व अभिशासी अभियंता मनोज गुप्ता का कहना है कि सड़क निर्माण में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हो रहा है। 40% तक कमीशन चल रहा है। जिस वजह से सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रित नहीं हो पा रही। हर साल गड्ढामुक्त के नाम पर नया खेल शुरू हुआ है। जिसमें जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई का इंजीनियर और ठेकेदार बंदरबांट कर रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी के पूर्व अभिशासी अभियंता मनोज गुप्ता का कहना है कि सड़क निर्माण में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हो रहा है। 40% तक कमीशन चल रहा है। जिस वजह से सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रित नहीं हो पा रही। हर साल गड्ढामुक्त के नाम पर नया खेल शुरू हुआ है। जिसमें जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई का इंजीनियर और ठेकेदार बंदरबांट कर रहे हैं।
रिश्वत लेते पकड़े गए थे इंजीनियर
लोेक निर्माण विभाग में सड़क मरम्मत व निर्माण के बाद बिल पास कराने के लिए रिश्वत का खेल चलता है। 29 अगस्त 2024 को पीडब्ल्यूडी सहायक अभियंता सुरजीत सिंह को 28 लाख रुपये बिल पास करने के एवज में 1.25 लाख रुपये की घूस लेते विजिलेंस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इसमें अधिशासी अभियंता गजेंद्र कुमार वार्ष्णेय की भी हिस्सेदारी थी। विजिलेंस ने पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता गजेंद्र कुमार को भी आरोपी बनाया था।
लोेक निर्माण विभाग में सड़क मरम्मत व निर्माण के बाद बिल पास कराने के लिए रिश्वत का खेल चलता है। 29 अगस्त 2024 को पीडब्ल्यूडी सहायक अभियंता सुरजीत सिंह को 28 लाख रुपये बिल पास करने के एवज में 1.25 लाख रुपये की घूस लेते विजिलेंस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इसमें अधिशासी अभियंता गजेंद्र कुमार वार्ष्णेय की भी हिस्सेदारी थी। विजिलेंस ने पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता गजेंद्र कुमार को भी आरोपी बनाया था।
भरवाए जा रहे हैं गड्ढे
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता एनके यादव ने बताया कि जिले में 450 किमी और जोन में 2000 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य है। गड्ढे भरने का काम चल रहा है। 10 अक्तूबर तक प्रमुख धर्मस्थलों की सड़कोें पर गड्ढे भरने के निर्देश मिले थे।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता एनके यादव ने बताया कि जिले में 450 किमी और जोन में 2000 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य है। गड्ढे भरने का काम चल रहा है। 10 अक्तूबर तक प्रमुख धर्मस्थलों की सड़कोें पर गड्ढे भरने के निर्देश मिले थे।
इन सड़क मार्गों पर गड्ढे ही गड्ढे
- 4 राज्य मार्ग 39 किमी तक जर्जर
- 1 जिला मार्ग 2 किमी तक जर्जर
- 13 शहरी मार्ग 20 किमी तक जर्जर
- 30 अन्य जिला मार्ग 137 किमी जर्जर
- 187 ग्रामीण मार्ग 250 किमी जर्जर
- 4 राज्य मार्ग 39 किमी तक जर्जर
- 1 जिला मार्ग 2 किमी तक जर्जर
- 13 शहरी मार्ग 20 किमी तक जर्जर
- 30 अन्य जिला मार्ग 137 किमी जर्जर
- 187 ग्रामीण मार्ग 250 किमी जर्जर
इन सड़कों के 2024-25 के लिए प्रस्ताव
- 317 सड़कों का 553 किमी तक नवीनीकरण के लिए 65.52 करोड़ का प्रस्ताव
- 222 सड़कों की 239 किमी तक विशेष मरम्मत के लिए 68.60 करोड़ का प्रस्ताव
- 27 नाबार्ड की 50 किमी तक 32.02 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
- 12 सड़कों की चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण 187 किमी तक 429.22 करोड़ का प्रस्ताव
- 7 धर्मार्थ मार्ग में 11 किमी के निर्माण पर 13.89 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
- 317 सड़कों का 553 किमी तक नवीनीकरण के लिए 65.52 करोड़ का प्रस्ताव
- 222 सड़कों की 239 किमी तक विशेष मरम्मत के लिए 68.60 करोड़ का प्रस्ताव
- 27 नाबार्ड की 50 किमी तक 32.02 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
- 12 सड़कों की चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण 187 किमी तक 429.22 करोड़ का प्रस्ताव
- 7 धर्मार्थ मार्ग में 11 किमी के निर्माण पर 13.89 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
2023-24 में इन सड़क मार्गों पर हुआ खर्च
- 4 सड़क मार्ग 55 किमी चौड़ीकरण पर 66.04 करोड़ रुपये खर्च
- 24 सड़क मार्ग 50 किमी नव निर्माण पर 32.03 करोड़ रुपये खर्च
- 247 सड़क मार्ग 244 किमी विशेष मरम्मत पर 50 करोड़ रुपये खर्च
- 202 सड़कों का 537 किमी नवीनीकरण पर 121 करोड़ रुपये खर्च
- 4 सड़क मार्ग 55 किमी चौड़ीकरण पर 66.04 करोड़ रुपये खर्च
- 24 सड़क मार्ग 50 किमी नव निर्माण पर 32.03 करोड़ रुपये खर्च
- 247 सड़क मार्ग 244 किमी विशेष मरम्मत पर 50 करोड़ रुपये खर्च
- 202 सड़कों का 537 किमी नवीनीकरण पर 121 करोड़ रुपये खर्च
2022-23 में सड़क मार्गों पर हुआ खर्च
- 2 सड़क मार्गों का 41 किमी चौड़ीकरण पर 64.17 करोड़ रुपये खर्च
- 9 सड़क मार्गों का 10 किमी नव निर्माण पर 4.76 करोड़ रुपये खर्च
- 96 सड़क मार्गों 127 किमी विशेष मरम्मत पर 34.52 करोड़ रुपये खर्च
- 79 सड़क मार्गों का 215 किमी नवीनीकरण पर 38.88 करोड़ रुपये खर्च
- 2 सड़क मार्गों का 41 किमी चौड़ीकरण पर 64.17 करोड़ रुपये खर्च
- 9 सड़क मार्गों का 10 किमी नव निर्माण पर 4.76 करोड़ रुपये खर्च
- 96 सड़क मार्गों 127 किमी विशेष मरम्मत पर 34.52 करोड़ रुपये खर्च
- 79 सड़क मार्गों का 215 किमी नवीनीकरण पर 38.88 करोड़ रुपये खर्च