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मेडिकल मोबाइल यूनिट पर लगा ग्रहण
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मेडिकल मोबाइल यूनिट
- फोटो : amar ujala
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एटा। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में दो मेडिकल मोबाइल यूनिट भेजी गई थी। प्रथम चरण में आई यूनिट पर तैनात चिकित्सक जिम्मेदारी नहीं संभाल सके और अधर में ही धोखा देकर भाग खड़े हुए। वहीं दूसरी यूनिट अब तक संचालित नहीं हो सकी है।
ऐसे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं से अछूते थे, उनको बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) मॉडल तैयार किया गया था। प्रथम चरण में एक मेडिकल यूनिट जिले को मिली थी, इसमें एक एमबीबीएस चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्स, लैब टेक्नीशियन तैनात किए गए थे। एक माह मेडिकल मोबाइल यूनिट जिले में संचालित भी हुई थी। इसके बाद यूनिट पर तैनात डा. राजीव शर्मा अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा ेसके तो वह बीच में ही चले गए। ऐसे में बिना चिकित्सक मेडिकल मोबाइल यूनिट का चलना संभव नहीं हैं और यूनिट संचालन को ग्रहण लग गया है। वहीं दूसरे चरण में एक मेडिकल यूनिट जिले को मुहैया करा गई लेकिन इस पर कार्यरत कर्मचारियों का डाटा कार्यदायी संस्था ने अब तक सीएमओ कार्यालय को नहीं दिया है। इसकी वजह से संचालन नहीं हो सका है।
मेडिकल मोबाइल यूनिट पर तैनात डा. राजीव शर्मा बीच में कार्य छोड़कर चले गए हैं। ऐसे में बिना चिकित्सक यूनिट कार्य नहीं कर सकती है, वहीं दूसरी यूनिट पर तैनात कर्मचारियों का कार्यदायी संस्था अब तक डाटा मुहैया नहीं कराई पाई। एक करोड़ की दोनों यूनिट बंद खड़ी हुई हैं।
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डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ
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ऐसे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं से अछूते थे, उनको बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) मॉडल तैयार किया गया था। प्रथम चरण में एक मेडिकल यूनिट जिले को मिली थी, इसमें एक एमबीबीएस चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्स, लैब टेक्नीशियन तैनात किए गए थे। एक माह मेडिकल मोबाइल यूनिट जिले में संचालित भी हुई थी। इसके बाद यूनिट पर तैनात डा. राजीव शर्मा अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा ेसके तो वह बीच में ही चले गए। ऐसे में बिना चिकित्सक मेडिकल मोबाइल यूनिट का चलना संभव नहीं हैं और यूनिट संचालन को ग्रहण लग गया है। वहीं दूसरे चरण में एक मेडिकल यूनिट जिले को मुहैया करा गई लेकिन इस पर कार्यरत कर्मचारियों का डाटा कार्यदायी संस्था ने अब तक सीएमओ कार्यालय को नहीं दिया है। इसकी वजह से संचालन नहीं हो सका है।
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मेडिकल मोबाइल यूनिट पर तैनात डा. राजीव शर्मा बीच में कार्य छोड़कर चले गए हैं। ऐसे में बिना चिकित्सक यूनिट कार्य नहीं कर सकती है, वहीं दूसरी यूनिट पर तैनात कर्मचारियों का कार्यदायी संस्था अब तक डाटा मुहैया नहीं कराई पाई। एक करोड़ की दोनों यूनिट बंद खड़ी हुई हैं।
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डा. अजय अग्रवाल, सीएमओ