{"_id":"5c339c1abdec2256f87b3aad","slug":"31546886170-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता नहीं सह सका बेटे की मौत का सदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता नहीं सह सका बेटे की मौत का सदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरावली(मैनपुरी)। दिल्ली में ट्रक चालक पुत्र की मौत का सदमा वृद्ध पिता सह नहीं पाया। बेटे का शव आने से पहले ही पिता ने भी दम तोड़ दिया। गमगीन माहौल में दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
थाना क्षेत्र के गांव भानपुरा निवासी दयाराम के छह पुत्र हैं। एक पुत्र उम्मेद सिंह दिल्ली उड़ीसा ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चलाता था। रविवार की शाम करीब आठ बजे अचानक सीने में दर्द होने के बाद उसकी मौत हो गई। अस्पताल ले जाया गया वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना जब गांव पहुंची तो 75 वर्षीय पिता दयाराम सदमे में आ गए।
उन्हें उपचार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां, प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। सोमवार की सुबह जैसे ही उम्मेद का शव घर पर पहुंचा, पिता दयाराम की भी सांसे थम गईं। पुत्र के वियोग में पिता भी दुनियां से चल बसा। शाम का गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के गांव भानपुरा निवासी दयाराम के छह पुत्र हैं। एक पुत्र उम्मेद सिंह दिल्ली उड़ीसा ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक चलाता था। रविवार की शाम करीब आठ बजे अचानक सीने में दर्द होने के बाद उसकी मौत हो गई। अस्पताल ले जाया गया वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना जब गांव पहुंची तो 75 वर्षीय पिता दयाराम सदमे में आ गए।
विज्ञापन
उन्हें उपचार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां, प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। सोमवार की सुबह जैसे ही उम्मेद का शव घर पर पहुंचा, पिता दयाराम की भी सांसे थम गईं। पुत्र के वियोग में पिता भी दुनियां से चल बसा। शाम का गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन