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रिश्वत लेते रजिस्ट्रार कानूनगो पकड़ा
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कासगंज/पटियाली। एंटी करप्शन आगरा की टीम ने तहसील के एक रजिस्ट्रार कानूनगो को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया है। कार्रवाई से तहसील परिसर में खलबली मच गई।
जुगेंद्र पुत्र चंद्रपाल के चाचा ने सूरजपाल ने अपनी वसीयत में जुगेंद्र व उसके तीन भाइयों के नाम अपनी चल अचल संपत्ति कर दी। सभी भाइयों के नाम फर्द में आ गए, लेकिन उनके ताऊ दुर्गपाल ने जमीन में अपने बेटे रेवारी व बुद्धपाल के नाम भी मिलीभगत कर डलवा लिए। जब इसकी जानकारी जुगेंद्र को हुई तो उसने रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल सिंह से संपर्क किया।
रजिस्ट्रार कानूनगो ने इसके लिए तीन हजार रुपये मांगे। जुगेंद्र ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग आगरा से की। आगरा एंटी करप्शन टीम केइंस्पेक्टर राजीव यादव ने रजिस्ट्रार कानूनगो को रंगे हाथ पकड़वाने की योजना बनाई। टीम ने 3 हजार रुपये अपने पास से उसे दे दिए। नोटों पर रंग लगा दिया गया। जैसे ही जुगेंद्र ने रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल सिंह को रुपये दिए वैसे ही टीम ने उसे पकड़ लिया।
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टीम ने रुपये अपने कब्जे में ले लिए और हाथ धुलवाए। हाथ धुलते ही रंग लाल हो गया। हाथ लाल होते ही कानूनगो के होश उड़ गए। टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। जब इसकी जानकारी तहसील कर्मियों को हुई तो उनमें खलबली मच गई। इसके बाद कानूनगो को थाने ले जाया गया। जहां उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
डीएम आर पी सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते पकड़े गए रजिस्ट्रार कानूनगो के खिलाफ पटियाली कोतवाली में मामला दर्ज करा दिया है। गुरुवार को उन्हें मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
डीएम ने दिए दो सरकारी गवाह
कासगंज। एंटी करप्शन की के प्रभारी ने कार्रवाई करने से पहले डीएम आरपी सिंह से मुलाकात की। उनको पूरे मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद डीएम ने उनको दो सरकारी गवाह दे दिए, जिससे कार्रवाई के बाद गवाही की दिक्कत न हो।
आज मेरठ कोर्ट में किया जाएगा प्रस्तुत
रजिस्ट्रार कानून गो को पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है। टीम उसे सुबह सीधे मेरठ लेकर जाएगी। जहां एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के जज के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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जुगेंद्र पुत्र चंद्रपाल के चाचा ने सूरजपाल ने अपनी वसीयत में जुगेंद्र व उसके तीन भाइयों के नाम अपनी चल अचल संपत्ति कर दी। सभी भाइयों के नाम फर्द में आ गए, लेकिन उनके ताऊ दुर्गपाल ने जमीन में अपने बेटे रेवारी व बुद्धपाल के नाम भी मिलीभगत कर डलवा लिए। जब इसकी जानकारी जुगेंद्र को हुई तो उसने रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल सिंह से संपर्क किया।
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रजिस्ट्रार कानूनगो ने इसके लिए तीन हजार रुपये मांगे। जुगेंद्र ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग आगरा से की। आगरा एंटी करप्शन टीम केइंस्पेक्टर राजीव यादव ने रजिस्ट्रार कानूनगो को रंगे हाथ पकड़वाने की योजना बनाई। टीम ने 3 हजार रुपये अपने पास से उसे दे दिए। नोटों पर रंग लगा दिया गया। जैसे ही जुगेंद्र ने रजिस्ट्रार कानूनगो चंद्रपाल सिंह को रुपये दिए वैसे ही टीम ने उसे पकड़ लिया।
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टीम ने रुपये अपने कब्जे में ले लिए और हाथ धुलवाए। हाथ धुलते ही रंग लाल हो गया। हाथ लाल होते ही कानूनगो के होश उड़ गए। टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। जब इसकी जानकारी तहसील कर्मियों को हुई तो उनमें खलबली मच गई। इसके बाद कानूनगो को थाने ले जाया गया। जहां उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
डीएम आर पी सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते पकड़े गए रजिस्ट्रार कानूनगो के खिलाफ पटियाली कोतवाली में मामला दर्ज करा दिया है। गुरुवार को उन्हें मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
डीएम ने दिए दो सरकारी गवाह
कासगंज। एंटी करप्शन की के प्रभारी ने कार्रवाई करने से पहले डीएम आरपी सिंह से मुलाकात की। उनको पूरे मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद डीएम ने उनको दो सरकारी गवाह दे दिए, जिससे कार्रवाई के बाद गवाही की दिक्कत न हो।
आज मेरठ कोर्ट में किया जाएगा प्रस्तुत
रजिस्ट्रार कानून गो को पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है। टीम उसे सुबह सीधे मेरठ लेकर जाएगी। जहां एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के जज के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।