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8 घंटे ही घूम पाया मिल का चक्का, फिर आई तकनीकी खामी

Wed, 19 Dec 2018 10:40 PM IST
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Updated Wed, 19 Dec 2018 10:40 PM IST
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8 घंटे ही घूम पाया मिल का चक्का, फिर आई तकनीकी खामी
चीनी मिल अभी नहीं तैयार, 10 दिन और टल सकता है पिराई सत्र - फोटो : अमर उजाला
कासगंज।
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चीनी मिल की तकनीकी खामी देर रात दूर होने के बाद मिल का चक्का घूमा, लेकिन 8 घंटे बाद ही मिल में तकनीकी खामी आ गई। चीनी मिल के बाहर कई दिनों से गन्ना लेकर पहुंचे किसानों में काफी आक्रोश है। सर्द मौसम में किसानों का पारा चढ़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने मिल प्रशासन से बातचीत भी की। गन्ना विभाग भी समस्या के समाधान में जुटा हुआ है। मिल की खामी दूर करने के लिए दूसरी चीनी मिलों के 20 इंजीनियर लगाए गए हैं।
चीनी मिल में रविवार रात 11 बजे से तकनीकी खामी आ गई। बॉयलर में वाष्प नहीं बन रही थी। मंगलवार रात लगभग 11 बजे मिल की खामी दूर की जा सकी और फिर मिल का चक्का घूम गया। मिल प्रशासन ने पिराई शुरू की लेकिन सुबह 7 बजे मिल में फिर से तकनीकी खामी आ गई। गन्ने की खरीद शुरू नहीं हो सकी। इसको लेकर किसानों में आक्रोश भी पनप रहा है। किसान कई दिनों से मिल के मुख्य द्वार पर डेरा जमाए हुए हैं। आक्रोशित किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष श्यामवीर सिंह ने गन्ना विभाग एवं मिल के अधिकारियों से बातचीत की। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि गुरुवार सुबह तक मिल की खामी दूर कर ली जाएगी।
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किसानों की बात-
- 6 दिनों से गन्ना लेकर मिल के गेट पर खड़े हुए हैं। पहले तो उनके गन्ने की खरीद का नंबर ही नहीं आ पा रहा था और फिर मिल खराब होने से गन्ना खरीद भी बंद हो गई। किराए पर लाए ट्रैक्टर का किराया भी बढ़ रहा है। ओमप्रकाश, नगला पट्टी।
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- तीन दिन पहले बैलगाड़ी से गन्ना लेकर मिल के द्वार पर आए। यहां गन्ने की खरीद नहीं हो रही है। खुले आसमान के नीचे बैल सर्दी से परेशान हैं और उनके चारे का भी कोई इंतजाम नहीं है। शेर सिंह, मौजमपुर।
- कई दिनों से गन्ना लेकर आए हुए हैं। चीनी मिल के खरीद केंद्र पर तौल नहीं हो रही। ठंड के मौसम में मिल के बाहर रात गुजारना काफी मुश्किल होता है। गन्ने की रखवाली करना भी मजबूरी है- संजीव यादव, पीलूसराय।
- मिल बंद पड़ी हुई है। मंगलवार रात थोड़ी देर के लिए मिल चली और फिर बंद हो गई। गेहूं की फसल की बुवाई का समय भी निकल रहा है। गन्ने की बिक्री की व्यस्तता है ऐसे में गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे- मुरारी लाल, तारापुर।

- बिसौली सहित अन्य यूनिट के 20 इंजीनियर मिल की तकनीकी खामी दूर करने में जुटे हैं। किसानों की परेशानी तभी दूर हो सकती है जब मिल विधिवत संचालित हो सके- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।

- मंगलवार रात को मिल का संचालन हुआ, लेकिन फिर से खामी आ गई। जल्द ही खामी दूर कर ली जाएगी और मिल में पिराई शुरू हो सकेगी- रामआसरे यादव, डिप्टी डायरेक्ट, न्यौली मिल।
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