{"_id":"5c0bf69dbdec2241c31d248c","slug":"31544287901-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना किसानों के खातों में पहुंचेगा भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना किसानों के खातों में पहुंचेगा भुगतान
Updated Sat, 08 Dec 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज।
गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान जल्द हो सकेगा। गन्ना विभाग ने बैंक की औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं। संभावना जताई है कि सॉफ्ट लोन योजना के तहत स्वीकृत धनराशि सोमवार से किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। इसके अलावा सहायता राशि और चीनी बिक्री से मिलने वाली धनराशि के जरिए भी शत प्रतिशत भुगतान की योजना बनाई गई है।
न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 37 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में चीनी मिल ने गन्ने की खरीद तो कर ली। लेकिन चीनी मिल ने गन्ना खरीद की एवज में किसानों का भुगतान नहीं किया था। सरकार ने भी साढ़े 4 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दी जाने वाली सहायता राशि भी नहीं दी, लेकिन इस साल सरकार ने गन्ना किसानों के शत प्रतिशत भुगतान की योजना बनाई। न्यौली चीनी मिल के बकाए भुगतान को 34.62 करोड़ रुपये की धनराशि स्टेट बैंक को दे दी गई है। इसके अलावा 62 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में दिए गए हैं। सॉफ्ट लोन योजना के तहत दी गई धनराशि गन्ना किसानों के खातों में नहीं पहुंच सकी है, इसके पीछे कारण है कि अब तक बैंक की औपचारिकताएं पूरी नहीं थी। न्यौली मिल के दस्तावेज एकत्रित नहीं हो पाए थे। शनिवार को गन्ना विभाग और चीनी मिल ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और दस्तावेज बैंक को सौंप दिए हैं। विभाग का दावा है कि सोमवार से गन्ना किसानों के खातों में भुगतान पहुंचने लगेगा। इसके अलावा 35 हजार क्विंटल चीनी बिक्री के एवज मिलने वाली धनराशि भी किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
एक करोड़ 10 लाख क्विंटल गन्ने का 37 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है।
1500 से अधिक किसानों के खाते में पहुंचेेगी धनराशि।
59 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में और देगी प्रदेश सरकार।
34.62 करोड़ रुपये सॉफ्ट लोन योजना के तहत मिले चीनी मिल को।
वर्जन
- बैंक की औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं हैं। सोमवार से किसानों के खातों में भुगतान पहुंचने लगेगा। शासन द्वारा निर्धारित की गई कट ऑफ डेट को ध्यान में रखते हुए भुगतान करने की योजना बनाई है। ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान जल्द हो सकेगा। गन्ना विभाग ने बैंक की औपचारिकताएं पूर्ण कर ली हैं। संभावना जताई है कि सॉफ्ट लोन योजना के तहत स्वीकृत धनराशि सोमवार से किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। इसके अलावा सहायता राशि और चीनी बिक्री से मिलने वाली धनराशि के जरिए भी शत प्रतिशत भुगतान की योजना बनाई गई है।
न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 37 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में चीनी मिल ने गन्ने की खरीद तो कर ली। लेकिन चीनी मिल ने गन्ना खरीद की एवज में किसानों का भुगतान नहीं किया था। सरकार ने भी साढ़े 4 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दी जाने वाली सहायता राशि भी नहीं दी, लेकिन इस साल सरकार ने गन्ना किसानों के शत प्रतिशत भुगतान की योजना बनाई। न्यौली चीनी मिल के बकाए भुगतान को 34.62 करोड़ रुपये की धनराशि स्टेट बैंक को दे दी गई है। इसके अलावा 62 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में दिए गए हैं। सॉफ्ट लोन योजना के तहत दी गई धनराशि गन्ना किसानों के खातों में नहीं पहुंच सकी है, इसके पीछे कारण है कि अब तक बैंक की औपचारिकताएं पूरी नहीं थी। न्यौली मिल के दस्तावेज एकत्रित नहीं हो पाए थे। शनिवार को गन्ना विभाग और चीनी मिल ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और दस्तावेज बैंक को सौंप दिए हैं। विभाग का दावा है कि सोमवार से गन्ना किसानों के खातों में भुगतान पहुंचने लगेगा। इसके अलावा 35 हजार क्विंटल चीनी बिक्री के एवज मिलने वाली धनराशि भी किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
विज्ञापन
एक करोड़ 10 लाख क्विंटल गन्ने का 37 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है।
1500 से अधिक किसानों के खाते में पहुंचेेगी धनराशि।
59 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में और देगी प्रदेश सरकार।
34.62 करोड़ रुपये सॉफ्ट लोन योजना के तहत मिले चीनी मिल को।
वर्जन
- बैंक की औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं हैं। सोमवार से किसानों के खातों में भुगतान पहुंचने लगेगा। शासन द्वारा निर्धारित की गई कट ऑफ डेट को ध्यान में रखते हुए भुगतान करने की योजना बनाई है। ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन