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सोच बदलने से बदली हकीकत

Fri, 30 Nov 2018 10:39 PM IST
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:39 PM IST
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सोच बदलने से बदली हकीकत
एचआईवी एड्स
एटा। सोच बदली, तो हकीकत बदलने लगी। एड्स जांच को लेकर फैल रहीं भ्रांतियों को झुठलाते हुए लोगों ने रोग से निपटने के लिए सक्रियता दिखाई है। बदलते दौर में सामने आ रही एड्स जांच की तस्वीर बताती है कि जिले में 29 पुरुष और 14 महिलाएं पॉजिटिव पाई गईं हैं। यही नहीं थर्ड जेंडर भी जांच के लिए बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं।
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आज विश्व एड्स दिवस है। जिले में एड्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग तमाम जागरूकता कार्यक्रम चलाता है, लेकिन बीते वर्षों में एड्स के प्रति लोगों की सोच बदली है। जांचों का आंकड़ा जिस हिसाब से बढ़ रहा है। वहीं इसकी रोकथाम के लिए भी लोग आगे आ रहे हैं। जिला अस्पताल में बने एचआईवी विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2018 से अब तक 4512 लोगों ने एचआईवी की जांच के लिए काउंसिलिंग कराई है। इनमें से 2577 पुरुषों की जांच हुई है, जिनमें से अधिकांश मामलों में पहल पत्नियों ने की थी। 2018 में अब तक 21 पुरुष एचआईवी से ग्रसित मिले हैं, जबकि इस दौरान महिलाओं की संख्या केवल 10 हैं। इसके साथ ही जिले में 59 थर्ड जेंडर ने भी एचआईवी की जांच कराई है।
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लोगों में आई है जागरूकता
जिला अस्पताल में एचआईवी विभाग की काउंसलर अंजू सक्सेना कहती हैं कि बीते तीन साल में महिलाओं में एचआईवी को लेकर खासी जागरूकता आई है। सैकड़ों महिलाएं अपने पतियों को लेकर एचआईवी जांच के लिए आ रही हैं। महिलाएं पतियों को लेकर जिला अस्पताल के परीक्षण केंद्र पर पति का एचआईवी परीक्षण कराने के साथ ही खुद का भी परीक्षण कराती हैं। नोडल अधिकारी एड्स डा. सीएल यादव कहते हैं कि एचआईवी को लेकर अब तक लोगों के मन में तमाम भ्रम और डर रहते थे। वह अब दूर हो रहे हैं।
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छूने से नहीं फैलता एड्स
एड्स की जांच को लेकर तो लोग जागरूक हो रहे हैं, लेकिन बीमारी के लक्षणों को लेकर अब भी लोगों में भ्रम है। जिला अस्पताल में काउंसलिंग के दौरान लोगों का सवाल होता है कि क्या छूने से और साथ खाने से एड्स फैलता है? सीएमएस डा. बी सागर का कहना है कि एड्स कभी छूने, साथ खाना खाने या हवा मेें उड़कर नहीं आता। यह केवल असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून चढने जैसे परिणामों का फल होता है और इससे डरने की जरूरत नहीं है।
सात दंपति एचआईवी से ग्रसित
वर्ष 2018 में जांच में सात दंपति (जोड़ो) एचआईवी से ग्रसित पाए गए हैं। जिनमें तीन गर्भवती महिलाएं भी हैं। जिनके बच्चों की डेढ़ वर्ष तक पूरी काउंसलिंग करके सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हिंदू नगर रेडलाइट एरिया में छह महिलाएं पॉजिटिव
शहर का मोहल्ला हिंदू नगर रेडलाइट एरिया के नाम से बदनाम है। यहां पर काउंसलरों ने किसी तरह से महिलाओं की एचआईवी जांचें कराई तो छह महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है।

देहात क्षेत्रों में भी जागरूकता
एड्स जांच को लेकर देहात क्षेत्रों में भी जागरूकता आई है। जलेसर में हुई कुल 3246 जांचों में तीन पुरुष, गर्भवती समेत चार महिलाएं पॉजिटिव रहीं। वहीं अलीगंज में कुल 1816 जांचों में पांच पुरुष एचआईवी पॉजिटिव निकले। अब तक जिले में 158 एचआईवी पॉजिटिव मरीजों का उपचार चला है जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है।

ऐसे करें इस रोग से बचाव
- सुरक्षित यौन संबंध ही बनाएं
- खून लेने से पहले उसकी जांच अवश्य करा लें
- कोई भी टीका या इंजेक्शन लगाने से पहले ध्यान रखें कि सिरिंज नयी हो
- एक से ज्यादा लोगों से संबंध स्थापित करने से बचें
- दाढ़ी बनाते वक्त नई ब्लेड का प्रयोग करें
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