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वाणिज्य कर विभाग के लिए वरदान बनी जीएसटी
Updated Tue, 27 Nov 2018 09:43 PM IST
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GST
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एटा। वाणिज्य कर विभाग के लिए जीएसटी वरदान बन रहा है। वित्तीय वर्ष के चार माह पूर्व लक्ष्य का 167 प्रतिशत राजस्व अर्जित करने वाले विभाग में 3877 व्यापारियों का पंजीयन भी बढ़ा है। शेष चार माह में राजस्व और पंजीकरण के और भी बढ़ने की उम्मीद है।
जीएसटी लागू होने के बाद वाणिज्य कर विभाग नए कीर्तिमान बना रहा है। पांच हजार तक सिमटने वाले व्यापारियों की संख्या में 3877 की वृद्धि हुई है। वहीं करदाता भुगतान को लेकर जागरूक ही नहीं सक्रिय भी हुए हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2018-19 के लिए निर्धारित 53.73 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत विभाग ने पहले आठ माह में ही 89.12 करोड़ राजस्व प्राप्त कर लिया है, जो निर्धारित लक्ष्य का 167 प्रतिशत अधिक है। बताते चलें कि वैट के अंतर्गत जिले में मात्र पांच हजार व्यापारी ही वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत थे। जबकि जीएसटी के बाद यह संख्या बढ़कर 8877 से अधिक हो गई है।
ऑनलाइन पंजीकरण, रिटर्न आदि के चलते व्यापारियों को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। अव्यवस्थाओं से बचने के लिए कर भुगतान बढ़ा है। जनपद के लिए निर्धारित लक्ष्य का 167 प्रतिशत राजस्व चार माह पूर्व ही प्राप्त हो गया है, जो अभी तक का रिकार्ड ही नहीं बड़ा कीर्तिमान है। पांच हजार वाला पंजीयन बढ़कर 8877 तक पहुंच गया है।
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-जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर व नोडल अधिकारी वाणिज्य कर विभाग
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जीएसटी लागू होने के बाद वाणिज्य कर विभाग नए कीर्तिमान बना रहा है। पांच हजार तक सिमटने वाले व्यापारियों की संख्या में 3877 की वृद्धि हुई है। वहीं करदाता भुगतान को लेकर जागरूक ही नहीं सक्रिय भी हुए हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2018-19 के लिए निर्धारित 53.73 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत विभाग ने पहले आठ माह में ही 89.12 करोड़ राजस्व प्राप्त कर लिया है, जो निर्धारित लक्ष्य का 167 प्रतिशत अधिक है। बताते चलें कि वैट के अंतर्गत जिले में मात्र पांच हजार व्यापारी ही वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत थे। जबकि जीएसटी के बाद यह संख्या बढ़कर 8877 से अधिक हो गई है।
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ऑनलाइन पंजीकरण, रिटर्न आदि के चलते व्यापारियों को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। अव्यवस्थाओं से बचने के लिए कर भुगतान बढ़ा है। जनपद के लिए निर्धारित लक्ष्य का 167 प्रतिशत राजस्व चार माह पूर्व ही प्राप्त हो गया है, जो अभी तक का रिकार्ड ही नहीं बड़ा कीर्तिमान है। पांच हजार वाला पंजीयन बढ़कर 8877 तक पहुंच गया है।
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-जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर व नोडल अधिकारी वाणिज्य कर विभाग