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जिला इकाई का गठन करते ही घिर गए नगेंद्र सिकरवार
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:23 PM IST
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मथुरा। जिला कमेटी का गठन करने के साथ ही जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर खूब कमियां निकाली जा रही हैं। कोई कह रहा है कि नियमों को ताक पर रख दिया गया तो किसी ने जिलाध्यक्ष पर आरोपों की झड़ी लगा दी है। पार्टी हाईकमान तक मामला पहुंच गया है।
दरअसल दो दिन पहले ही भाजपा की जिला और महानगर कार्यकारिणी घोषित की गई है। दोनों ही इकाइयों में पार्टी की संविधानिक व्यवस्था के अनुरूप अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। इसकी शिकायत पूर्व जिला महामंत्री चिंताहरण चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय और प्रदेेश संगठन से की है।
इसके अलावा यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। अन्य दलों के लोग इसे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर बता रहे हैं। कहना है कि भाजपा में अनुसूचित और पिछड़ी जाति सिर्फ नारों में हैं।
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उधर, पार्टी के एक शीर्ष नेता ने तो महानगर अध्यक्ष से इस पर नाराजगी जताई। कहा कि जो जातियां पार्टी की परंपरागत वोटर हैं उन्हें स्थान नहीं दिया, एक-दो जाति से 10-10 पदाधिकारी बना दिए। जिन जातियों के वोट भी भाजपा को नहीं मिलते हैं, उन्हें जरूरत से ज्यादा स्थान दे दिया है।
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दरअसल दो दिन पहले ही भाजपा की जिला और महानगर कार्यकारिणी घोषित की गई है। दोनों ही इकाइयों में पार्टी की संविधानिक व्यवस्था के अनुरूप अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। इसकी शिकायत पूर्व जिला महामंत्री चिंताहरण चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय और प्रदेेश संगठन से की है।
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इसके अलावा यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। अन्य दलों के लोग इसे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर बता रहे हैं। कहना है कि भाजपा में अनुसूचित और पिछड़ी जाति सिर्फ नारों में हैं।
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उधर, पार्टी के एक शीर्ष नेता ने तो महानगर अध्यक्ष से इस पर नाराजगी जताई। कहा कि जो जातियां पार्टी की परंपरागत वोटर हैं उन्हें स्थान नहीं दिया, एक-दो जाति से 10-10 पदाधिकारी बना दिए। जिन जातियों के वोट भी भाजपा को नहीं मिलते हैं, उन्हें जरूरत से ज्यादा स्थान दे दिया है।