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न परमिट न लाइसेंस, फिर भी दौड़ रहे जुगाड़ वाहन
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:52 PM IST
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मैनपुरी। शहर ही नहीं देहात में भी चालक गाड़ियों का विस्तार कर दौड़ा रहे हैं। इन वाहनों का प्रयोग सामान ही नहीं सवारियां ढोने में भी किया जा रहा है। इन्हें देखकर बस यही कहा जा सकता है कि यह जुगाड़ वाहन किसी बड़े हादसे का कारण न बन जाएं।
जिले में जुगाड़ वाहन काफी संख्या में चल रहे हैं। वहीं कई वाहनों में सवारियां भी ले जाई जा रही हैं। ग्रामीण रूटों के साथ ही बीच शहर में भी इस वाहनों का संचालन हो रहा है। जुगाड़ वाहनों नियंत्रण करने में भी दिक्कत होती है। इस कारण आए दिन होने वाले हादसों का कारण ऐसे वाहन बनते हैं।
वाहन का विस्तार कर चलाना अपराध की श्रेणी में आता है। यह गैरकानूनी है। ऐसे वाहन मिलने पर उसे सीज करने के साथ चालक का डीएल भी निरस्त किया जा सकता है। शहर के प्रमुख जेल चौराहा पर अजीब नजारा दिखा। स्कूटर का विस्तार करके बनाए गए जुगाड़ वाहन पर चालक ने बक्से को लाद दिया। फिर इस बक्से पर एक बच्ची को बैठा लिया। वहीं एक व्यक्ति बक्से को पकड़ने के लिए पीछे खड़ा हो गया। ऐसे में तो हादसा होना स्वाभाविक है। इसे रोका नहीं जा सकता।
जिले में जुगाड़ वाहन काफी संख्या में चल रहे हैं। वहीं कई वाहनों में सवारियां भी ले जाई जा रही हैं। ग्रामीण रूटों के साथ ही बीच शहर में भी इस वाहनों का संचालन हो रहा है। जुगाड़ वाहनों नियंत्रण करने में भी दिक्कत होती है। इस कारण आए दिन होने वाले हादसों का कारण ऐसे वाहन बनते हैं।
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वाहन का विस्तार कर चलाना अपराध की श्रेणी में आता है। यह गैरकानूनी है। ऐसे वाहन मिलने पर उसे सीज करने के साथ चालक का डीएल भी निरस्त किया जा सकता है। शहर के प्रमुख जेल चौराहा पर अजीब नजारा दिखा। स्कूटर का विस्तार करके बनाए गए जुगाड़ वाहन पर चालक ने बक्से को लाद दिया। फिर इस बक्से पर एक बच्ची को बैठा लिया। वहीं एक व्यक्ति बक्से को पकड़ने के लिए पीछे खड़ा हो गया। ऐसे में तो हादसा होना स्वाभाविक है। इसे रोका नहीं जा सकता।
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