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समस्याओं का समाधान मनीषियों के मार्गदर्शन से संभव : स्वामी निश्चलानंद
Updated Sat, 24 Feb 2018 08:17 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के बीच शनिवार को चैतन्य विहार स्थित शंकराचार्य हरिहर आश्रम में लंबी चर्चा हुई। राम मंदिर निर्माण के मुद्दे के कयासों के विपरीत लगभग 50 मिनट तक हुई इस मंत्रणा में मठ और मंदिरों की स्थिति को लेकर चर्चा हुई।
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मंत्रणा को लेकर पत्रकारों के सवालों पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि विश्वव्यापी सभी समस्याओं का समाधान आचार्य परंपरा के वाहक मनीषियों के मार्गदर्शन और राजनीति के समन्वय से संभव है। बांकेबिहारी मंदिर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के अधिग्रहण के संबंध में शंकराचार्य ने कहा कि मंदिर शिक्षा, सेवा, आस्था संस्कृति, मोक्ष, सुरक्षा और साहित्य के संस्थान होते हैं। सरकार द्वारा मंदिरों के अधिग्रहण की भावना को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि अधिग्रहण की नीति अपनाकर ही मठ-मंदिरों की व्यवस्थाओं को ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए ऐसा तंत्र बनाने की जरूरत है, जिसमें सरकार का नियंत्रण भी हो और पंडे, पुजारियों और पुरोहितों का अधिकार भी उस स्तर तक हो, जहां कि इनका व्यवहार मर्यादा हीनता और अराजकता के दायरे में प्रवेश न करे।
सूत्रों की मानें तो चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने भी अधिग्रहण के संदर्भ में प्रदेश सरकार की नीति को शंकराचार्य के समक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार की मंशा मंदिरों पर आधिपत्य करने की नहीं बल्कि उनकी व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक भावना के अनुरूप सुधार करने की है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि शंकराचार्य की पहल और सूबे के मुखिया का रुख देखते हुए फिलहाल प्रदेश मेें मंदिरों का अधिग्रहण टल सकता है। उधर, शंकराचार्य से भेंट के दौरान केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री दिनेश जी ही गुप्त मंत्रणा का भाग रहे। सूबे के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को भी इस मंत्रणा से दूर रखा गया। जिसे लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के वृंदावन पहुंचने पर गोविंदानंद तीर्थ, विवेक आचार्य, डा. लक्ष्मी गौतम, सार्थक चतुर्वेदी आदि ने स्वागत किया।
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योगी ने अर्द्ध कुंभ 2019 का ‘लोगो’ भेंट किया
वृंदावन। जनवरी 2019 में इलाहाबाद में होने वाले अर्द्ध कुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर भी शंकराचार्य और मुख्यमंत्री के बीच चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कुंभ 2019 का ‘लोगो’ शंकराचार्य को भेंट किया। परंपरानुसार प्रयाग कुंभ पुरी की गोवर्धन पीठ के अधिकार क्षेत्र में आता है। शंकराचार्य ने अर्द्ध कुंभ की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के बाबत भी विचार रखे।
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