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जटिल डिलीवरी में मदद करेगा सेफ डिलीवरी एप
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:13 PM IST
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फिरोजाबाद। प्रसव के दौरान होने वाली लापरवाही रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग एप का सहारा लेगा। इसके लिए सेफ डिलीवरी एप विकसित किया गया है। एप के माध्यम से प्रसव इकाइयों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को प्रसव में आने वाली जटिलताओं के बारे में जागरूक कर प्रसव के दौरान उपलब्ध कराई जाने वाली नई विधियों के बारे में बताया जाएगा।
सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को लेकर कई बार दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके बाद भी आए दिन सवाल उठ रहे हैं। कहीं पर संसाधनों का अभाव तो कहीं पर अन्य दिक्कतें। यही नहीं प्रसव के मामले में जानकारी नहीं होने का मामला कई बार उठा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में केंद्र सरकार ने सेफ डिलीवरी एप की सेवा शुरू की है।
एएनएम, स्टाफ नर्स एवं आशाओं द्वारा प्रसव के प्रयोग के लिए विकसित किया गया एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है। ताकि स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी एकत्र करने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। डाउनलोड करने के बाद इंटरनेट की अनुपलब्धता में ऑफलाइन मोड में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
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एप को गूगल स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। एप से सुरक्षित प्रसव, जटिलताओं का प्रबंधन, नवजात पुनर्जीवीकरण और प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी जा सकती है। महाप्रबंधक मातृ डा. मनोज कुमार शुक्ल ने सीएमओ को जारी निर्देश में जिले की सभी स्टाफ नर्स, एएनएम और आशाओं को इस एप के बारे में अवगत कराने को कहा है।
चिकित्सा अधीक्षकों सहित अन्य अधिकारियों के माध्यम से इस एप को डाउनलोड कराने और फीडबैक भी देने को कहा गया है। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि निर्देश के क्रम में आवश्यक प्रबंध की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।
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सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को लेकर कई बार दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके बाद भी आए दिन सवाल उठ रहे हैं। कहीं पर संसाधनों का अभाव तो कहीं पर अन्य दिक्कतें। यही नहीं प्रसव के मामले में जानकारी नहीं होने का मामला कई बार उठा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में केंद्र सरकार ने सेफ डिलीवरी एप की सेवा शुरू की है।
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एएनएम, स्टाफ नर्स एवं आशाओं द्वारा प्रसव के प्रयोग के लिए विकसित किया गया एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है। ताकि स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी एकत्र करने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। डाउनलोड करने के बाद इंटरनेट की अनुपलब्धता में ऑफलाइन मोड में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
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एप को गूगल स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। एप से सुरक्षित प्रसव, जटिलताओं का प्रबंधन, नवजात पुनर्जीवीकरण और प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी जा सकती है। महाप्रबंधक मातृ डा. मनोज कुमार शुक्ल ने सीएमओ को जारी निर्देश में जिले की सभी स्टाफ नर्स, एएनएम और आशाओं को इस एप के बारे में अवगत कराने को कहा है।
चिकित्सा अधीक्षकों सहित अन्य अधिकारियों के माध्यम से इस एप को डाउनलोड कराने और फीडबैक भी देने को कहा गया है। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि निर्देश के क्रम में आवश्यक प्रबंध की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।