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एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में गूंजे देशभक्ति के तराने

Sun, 17 Dec 2017 11:18 PM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:18 PM IST
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एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में गूंजे देशभक्ति के तराने
फिरोजाबाद। स्वामी विवेकानंद मानव सेवा समिति ने रविवार को पालीवाल हॉल में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बतरा के पिता डा. जीएल बतरा को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. जीएल बतरा, हाइकोर्ट के जज सुधीर अग्रवाल, सीआरपीएफ कमांडेंट आफीसर रजनीश अहलावत ने मां सरस्वती के चित्र द्वीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण कर किया। आइवे इंटरनेशनल और ओम र्साइं पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति के गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
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कवि यशपाल यश, कलीम नूरी सहित अन्य कवियों ने रचनाएं सुनवाईं। कमांडेंट आफीसर रजनीश अहलावत ने कहा कि माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों में ऐसे संस्कार दें कि वे देश की रक्षा में आगे आएं। मुख्य अतिथि डा. जीएस बतरा ने कहा कि कुछ लोगों में ऐसी गलत धारण है कि ंबेटे को सेना में भेज कर क्या हासिल किया। जब कोई बच्चा फौज में जाता है, तो माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा होता है।
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मेरा बेटा जंग में शहीद हो गया, परंतु मुझे कोई परवाह नहीं है। संचालन असलम भोला ने किया। अतिथियों का सम्मान संयोजक दीपक गुप्ता तिरंगा ने किया। कार्यक्रम में डा. रमाशंकर सिंह, आदेश यादव, आनंद अग्रवाल, ललितेश जैन, अब्दुल सलाम एडवोकेट, राजीव अग्रवाल, लक्ष्मी सिकरवार, शशी प्रभा, राज पचौरी, फादर प्रकाश डिसूजा, फादर रोजीमन फॉमस, प्रवीन अग्रवाल मौजूद रहे।


सरकार से हमारी यही अपेक्षा है कि वह देश के शहीदों की स्मृति को चिरस्थाई हो, उसके लिए उचित कार्य करे। इससे भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को देश भक्ति व जज्बे की प्रेरणा मिल सके। यह बात शहीद कैप्टन विक्रम बतरा के पिता डा. जीएल बतरा ने अमर उजाला से वार्ता के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह महापुरुषों की जयंती व जन्म दिवस मनाते हैं, उसी तरह शहीदों की जयंती मनाई जाए। शहीदों के नाम पर भी सड़कों व चौराहों के नाम रखे जाएं। पुस्तकों में भी शहीदों की कहानियों को शामिल करना चाहिए।
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