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फर्जी शिक्षकों की होगी जांच, स्कूलों से मांगा ब्यौरा
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:58 PM IST
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फिरोजाबाद। माध्यमिक स्कूलों में भी शिक्षक, कर्मचारियों के फर्जीवाड़े की कलई जल्दी ही खुलती नजर आएगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद विभाग ने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त तथा वित्तविहीन स्कूलों में कार्यरत शिक्षक, कर्मचारियों का आधार कार्ड संबंधित ब्योरा मांगा है।
माध्यमिक शिक्षा में राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों का फर्जीवाड़ा भले ही न हुआ हो, लेकिन वित्तविहीन स्कूलों में खूब फर्जीवाड़ा हुआ है। यह बात सपा शासन में मानदेय लाभ के दौरान साफ हुई थी। तमाम स्कूल संचालकों ने अपने खास लोगों को स्कूल में शिक्षक या कर्मचारी दिखा दिया, जिनमें तमाम तो ऐसे थे, जो कि दूसरे संस्थानों में या सरकारी सेवाओं का लाभ भी ले रहे हैं।
उस समय फर्जीवाड़ा दूर करने का कोई विकल्प न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। स्कूल संचालक अपने स्कूल में स्टाफ दिखाने के लिए इधर-उधर से फर्जी स्टाफ प्रदर्शित करने में नहीं चूके। अब तक ऐसे फर्जी शिक्षकों पर पर्दा पड़ा रहा, लेकिन अब विभाग नए सॉफ्टवेयर पर सभी शिक्षकों की आधार संख्या व जानकारियां अपलोड कराएगा, जिससे उनका फर्जीवाड़ा भी खुलकर सामने आ जाएगा।
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इस उद्देश्य से जिला विद्यालय निरीक्षक रितु गोयल ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्धारित प्रारूप पर शिक्षक, कर्मचारियों का आधार कार्ड विवरण मांगा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में ब्योरा न मिलने पर कहीं न कहीं प्रधानाचार्यों को भी फर्जीवाड़े में दोषी मान लिया जाएगा। उधर स्कूलों में शिक्षकों की आधार संख्या व विवरण मांग लिए जाने के बाद खलबली मचना शुरू हो गई है।
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माध्यमिक शिक्षा में राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों का फर्जीवाड़ा भले ही न हुआ हो, लेकिन वित्तविहीन स्कूलों में खूब फर्जीवाड़ा हुआ है। यह बात सपा शासन में मानदेय लाभ के दौरान साफ हुई थी। तमाम स्कूल संचालकों ने अपने खास लोगों को स्कूल में शिक्षक या कर्मचारी दिखा दिया, जिनमें तमाम तो ऐसे थे, जो कि दूसरे संस्थानों में या सरकारी सेवाओं का लाभ भी ले रहे हैं।
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उस समय फर्जीवाड़ा दूर करने का कोई विकल्प न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। स्कूल संचालक अपने स्कूल में स्टाफ दिखाने के लिए इधर-उधर से फर्जी स्टाफ प्रदर्शित करने में नहीं चूके। अब तक ऐसे फर्जी शिक्षकों पर पर्दा पड़ा रहा, लेकिन अब विभाग नए सॉफ्टवेयर पर सभी शिक्षकों की आधार संख्या व जानकारियां अपलोड कराएगा, जिससे उनका फर्जीवाड़ा भी खुलकर सामने आ जाएगा।
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इस उद्देश्य से जिला विद्यालय निरीक्षक रितु गोयल ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्धारित प्रारूप पर शिक्षक, कर्मचारियों का आधार कार्ड विवरण मांगा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में ब्योरा न मिलने पर कहीं न कहीं प्रधानाचार्यों को भी फर्जीवाड़े में दोषी मान लिया जाएगा। उधर स्कूलों में शिक्षकों की आधार संख्या व विवरण मांग लिए जाने के बाद खलबली मचना शुरू हो गई है।