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बच्चे स्कूल आए थे, गुरू जी गायब
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:51 PM IST
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मथुरा। शिक्षकों की स्कूल में देर से पहुंचने और जल्द चले जाने की आदत सुधर नहीं रही है। सीडीओ के निरीक्षण में मनोहरपुर के प्राइमरी स्कूल में कुछ ऐसे ही हालात दिखे। स्कूल गेट पर 47 बच्चे खड़े थे। पर, शिक्षक गायब थे। गेट पर ताला लटक रहा था।
बलदेव ब्लाक के गांव मनोहरपुर के प्राइमरी स्कूल में चार अध्यापक तैनात हैं। यहां छात्र संख्या भी 80 से अधिक है। गुरुवार सुबह आठ बजे सीडीओ यशु रुस्तगी इस स्कूल पहुंचीं। स्कूल में 8.05 बजे तक 47 छात्र पहुंच थे, लेकिन कोई अध्यापक नहीं आया था।
8.15 बजे शिक्षक मुकेश पहुंचे थे। बाकी के तीन अध्यापक 8.30 बजे तक स्कूल नहीं पहुंचे। इस बीच सीडीओ ने छात्रों से स्कूल के बारे में जानकारी जुटाई। सीडीओ ने बताया कि बीएसए को कार्यवाही के लिए लिखा जा रहा है।
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बीएसए और एबीएसए नहीं कर रहे निरीक्षण
अधिकांश स्कूलों में शिक्षक समय से नहीं पहुंच रहे हैं। कई जगह तो स्कूल खोलने के लिए चपरासी तक नहीं पहुंचता है। अब इन हालातों में बेहतर शिक्षा की उम्मीद भला कैसे की जा सकती है। इसके बाद भी बीएसए और एबीएसए तो कभी निरीक्षण करते ही नहीं है। कागजों में ही स्कूलों की जांच की जानी दिखा दी जाती है।
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बलदेव ब्लाक के गांव मनोहरपुर के प्राइमरी स्कूल में चार अध्यापक तैनात हैं। यहां छात्र संख्या भी 80 से अधिक है। गुरुवार सुबह आठ बजे सीडीओ यशु रुस्तगी इस स्कूल पहुंचीं। स्कूल में 8.05 बजे तक 47 छात्र पहुंच थे, लेकिन कोई अध्यापक नहीं आया था।
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8.15 बजे शिक्षक मुकेश पहुंचे थे। बाकी के तीन अध्यापक 8.30 बजे तक स्कूल नहीं पहुंचे। इस बीच सीडीओ ने छात्रों से स्कूल के बारे में जानकारी जुटाई। सीडीओ ने बताया कि बीएसए को कार्यवाही के लिए लिखा जा रहा है।
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बीएसए और एबीएसए नहीं कर रहे निरीक्षण
अधिकांश स्कूलों में शिक्षक समय से नहीं पहुंच रहे हैं। कई जगह तो स्कूल खोलने के लिए चपरासी तक नहीं पहुंचता है। अब इन हालातों में बेहतर शिक्षा की उम्मीद भला कैसे की जा सकती है। इसके बाद भी बीएसए और एबीएसए तो कभी निरीक्षण करते ही नहीं है। कागजों में ही स्कूलों की जांच की जानी दिखा दी जाती है।