{"_id":"59402b5d4f1c1ba40a8b4676","slug":"31497377629-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब हवाओं से नहीं गुल होगी शहरी खंड की बती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब हवाओं से नहीं गुल होगी शहरी खंड की बती
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
electricity demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। तेज हवाओं के दौरान अब शहर की बिजली नहीं कटेगी। इसके लिए शहरी खंड की लाइनों के खंभों को नजदीक करने का काम शुरू हो गया है। बता दें कि दशकों पुरानी लाइन में दूरी पर लगे खंभों के कारण फाल्ट-ट्रिपिंग से बत्ती गुल होती रहती है।
तेज हवा चलते ही अब तक अक्सर बत्ती गुल हो जाया करती थी। पर, अब ऐसा नहीं होगी। शहरी शहरी खंड ने इस समस्या के समाधान के लिए शहर के चार बिजलीघरों की लाइनों को मजबूत करने एवं इनके बीच में खंभों की दूरी कम करनी शुरू कर दी है।
गंगनपुर से चारों बिजलीघरों से आने वाली 33 केवीए की लाइन पर 158 नए खंभे लगाकर तारों को कसा जा रहा है। वहीं लाइन को ऊंचा कर रास्ते में आ रहे पेड़ पौधों से सुरक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा 11 हजार लाइन को भी दुरुस्त किया जाएगा। इस लाइन में भी 342 खंभे लगाने की तैयारी है।
विज्ञापन
पुरानी लाइनों पर लगे खंभों की दूरी 100 से 120 मीटर तक है। ऐसे में तार नीचे हो गए हैं। झूलते तारों में हवा चलने पर फाल्ट की संभावना चरम पर रहती है। 158 नए खंभे लगाकर चारों बिजलीघरों की लाइन को ऊंचा एवं सुरक्षित किया जा रहा है। औद्योगिक बिजलीघर का काम पूरा हो गया है। एक खंभे पर करीब 28 हजार रुपये का खर्च आ रहा है।
-राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता शहरी खंड
विज्ञापन
तेज हवा चलते ही अब तक अक्सर बत्ती गुल हो जाया करती थी। पर, अब ऐसा नहीं होगी। शहरी शहरी खंड ने इस समस्या के समाधान के लिए शहर के चार बिजलीघरों की लाइनों को मजबूत करने एवं इनके बीच में खंभों की दूरी कम करनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
गंगनपुर से चारों बिजलीघरों से आने वाली 33 केवीए की लाइन पर 158 नए खंभे लगाकर तारों को कसा जा रहा है। वहीं लाइन को ऊंचा कर रास्ते में आ रहे पेड़ पौधों से सुरक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा 11 हजार लाइन को भी दुरुस्त किया जाएगा। इस लाइन में भी 342 खंभे लगाने की तैयारी है।
विज्ञापन
पुरानी लाइनों पर लगे खंभों की दूरी 100 से 120 मीटर तक है। ऐसे में तार नीचे हो गए हैं। झूलते तारों में हवा चलने पर फाल्ट की संभावना चरम पर रहती है। 158 नए खंभे लगाकर चारों बिजलीघरों की लाइन को ऊंचा एवं सुरक्षित किया जा रहा है। औद्योगिक बिजलीघर का काम पूरा हो गया है। एक खंभे पर करीब 28 हजार रुपये का खर्च आ रहा है।
-राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता शहरी खंड