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Agra News: मिट्टी में मिल गए 265 करोड़ रुपये, सांसों में समा रही धूल

Fri, 09 Oct 2026 03:16 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 03:16 AM IST
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265 crore turned to dust; dust is filling the air we breathe.
धूल के गुबार से सांस लेना तक मुहाल है।
आगरा। शहर की हवा में धूल कणों की मात्रा कम करने के लिए 265 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन धूल के गुबार से सांस लेना तक मुहाल है। एयर एक्शन प्लान के तहत धूल नियंत्रण के नाम पर 370 करोड़ रुपये आगरा को मिले।
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इनमें से 265 करोड़ रुपये सड़कों, फुटपाथ, साइड पटरी के निर्माण, पानी के छिड़काव, मशीनों से सफाई, भूमिगत डस्टबिन, पौधे लगाने और हरियाली विकसित करने के नाम पर खर्च किए गए हैं लेकिन शहर की हवा में सुधार नहीं है। सीएम ग्रिड, मेट्रो, जलनिगम के कारण खुदी सड़कों पर धूल के गुबार के बीच लाखों लोगों की सांसों पर संकट छाया है।
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शहर में पांच सालों में धूल रोकने के नाम पर 265.15 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। इन दिनों हर सड़क पर धूल के गुबार हैं लेकिन वायु गुणवत्ता बेहतर बताई जा रही है। करीब 12.50 किमी. लंबी सड़कें सीएम ग्रिड में खोदकर छोड़ दी गई हैं।
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इनमें बसई से इंदिरापुरम, अमर होटल तक, कालिंदी विहार से टेढ़ी बगिया तक, सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट तक, दिल्ली गेट से हरीपर्वत और मदिया कटरा तक की सड़क शामिल है। इसके अलावा मेट्रो का काम 30 किमी. में और जलनिगम का करीब 15 किमी. में चल रहा है।
ग्रीन गैस, जलनिगम की सीवर, पानी की लाइनों के कारण खुदाई और ज्यादा है। नगर निगम ने जिन सड़कों के निर्माण पर एयर एक्शन प्लान में काम किया उन्हें सीएम ग्रिड, पानी और सीवर लाइनों के निर्माण के लिए खोद दिया गया। अब यहां धूल के गुबार हैं।
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ऐसे हुआ खर्च
वर्ष बजट
2021-22 34.85 करोड़
2022-23 32.16 करोड़
2023-24 80.97 करोड़
2024-25 51.28 करोड़
2025-26 65.89 करोड़
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धूल कणों में कमी का दावा
वर्ष पीएम-10
2021 188
2022 146
2023 118
2024 116
2025 109
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इन खर्चों पर उठे सवाल
- 63 लाख रुपये प्रतिमाह सड़कों की मशीनों से सफाई पर खर्च हुए। गड़बड़ी पर नगर आयुक्त ने भुगतान रोका।
- 68 लाख रुपये प्रतिमाह पानी के छिड़काव पर खर्च हुए। कंपनी को नोटिस जारी कर जीपीएस रिपोर्ट मांगी।
- 14 लाख रुपये प्रतिमाह भूमिगत डस्टबिन पर खर्च हुए। अधिकांश गल चुके और कचरा सड़क पर है।
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पार्षदों ने साधा निशाना


- नगर निगम ने पानी के छिड़काव और मशीनों से सफाई के ऐसे टेंडर किए हैं जो पूरी तरह से गड़बड़ हैं। इनका भुगतान रोकने के साथ निगम खुद ही यह काम करे। वायु गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं है। केवल कागजी आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। - रवि माथुर, पार्षद

- मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में सांस और अस्थमा रोगियों की संख्या देख लीजिए, पता चल जाएगा कि आंकड़े कितने कागजी हैं। एमजी रोड-2, एमजी रोड, हाईवे से एक बार निकलेंगे तो धूल रोकने के उपायों पर हुए खर्च का सच खुद सामने आ जाएगा। - शरद गुप्ता, पर्यावरणविद

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वर्जन

- एयर क्वालिटी सुधारने के लिए 15वें वित्त आयोग से 265 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अधिकांश सड़कों, साइड पटरी, इंटरलॉकिंग टाइल्स और सीसी रोड बनाने पर खर्च हुआ है। इन दिनों निर्माण कार्यों की खुदाई के कारण धूल उड़ रही है जो निर्माण पूरा होते ही बंद हो जाएगी। - पंकज भूषण, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
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