परिषदीय स्कूलों में तैनात फर्जी शिक्षकों पर चला कार्रवाई का 'डंडा', 22 शिक्षक हुए बर्खास्त
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एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच में फर्जी पाए गए बेसिक शिक्षा विभाग के 22 शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए हैं। इन सभी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से सत्र 2004-05 में टैंपर्ड और फर्जी अंकतालिकाओं से नौकरी हासिल की थी।
एसआईटी ने इन शिक्षकों को फर्जीवाड़े में चिह्नित किया था और उनसे साक्ष्य भी मांगे थे, लेकिन विभाग उपलब्ध कराए साक्ष्यों से असंतुष्ट रहा। कार्रवाई से खलबली मची है और अन्य फर्जी शिक्षकों में बेचैनी बढ़ गई है।
एसआईटी ने फर्जी शिक्षकों की सूची जांच के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी थी। इन शिक्षकों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से सत्र 2004-05 में फर्जी व टैंपर्ड अंकतालिका तैयार कराई थी और शिक्षा विभाग में नौकरी पा ली थी। इन्हें पहले भी नोटिस जारी किया था, लेकिन वे स्पष्टीकरण नहीं दे सके थे।
बीएसए अरविंद पाठक ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए 20 जून को दोपहर चार बजे तक कार्यालय में पूरे साक्ष्य लेकर उपस्थित रहने को कहा था। हालांकि, बाद में शिक्षकों ने स्पष्टीकरण दिए। शिक्षकों के साक्ष्यों से विभाग संतुष्ट नहीं था।
अरविंद पाठक ने बताया कि जनपद से 22 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इन शिक्षकों की बर्खास्तगी एसआईटी द्वारा जांच विवेचना में उपलब्ध कराई सूची व सीडी के आधार पर की है साथ ही इनकी सेवाएं शून्य घोषित कर दी गईं हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ वेतन वसूली के आदेश दिए हैं।