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प्रसव केंद्र बनकर रह गया जिला महिला अस्पताल
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:13 PM IST
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एटा। जिला महिला अस्पताल में विशेषज्ञों का अभाव है। इसके चलते जिला महिला अस्पताल में महज प्रसव हो रहे हैं। वहीं अन्य बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को आगरा और अलीगढ़ रेफर किया जा रह है। आलम यह है कि जिला महिला अस्पताल में 13 पदों के चलते 11 पद विशेषज्ञों के रिक्त है।
जिला महिला अस्पताल में भी संसाधनों का अभाव है। आलम यह है कि मात्र दो विशेषज्ञ होने के चलते जिला महिला अस्पताल में सिर्फ प्रसव केंद्र बनकर रह गया है। यहां चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश बीमारियों के लिए महिलाओं को आगरा और अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में जिला महिला अस्पताल में आयुष्मान योजना परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। बता दें कि आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क होगा।
सरकारी अस्पताल में बनने लगे गोल्डन कार्ड
जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में पात्रों को गोल्डन कार्ड मिलना शुरू हो गया है। प्रतिदिन एक दो एक दो पात्र सरकारी अस्पताल पहुंचकर अपना अपना कार्ड प्राप्त कर रहे हैं।
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इन विशेषज्ञों के रिक्त है पद
जिला महिला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सका अधीक्षक, दो वरिष्ठ परामर्शदाता, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, पैथोलोजिस्ट, निश्चेतक, रेडियोलोजिस्ट, ईएमओ, बाल रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त है।
ट्रेनर के आने का इंतजार
योजना को संचालित करने के लिए हर जिले में एक कार्यदायी संस्था की ओर से कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जानी है। इसके लिए जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में आरोग्य मित्र तैनात कर दिए गए हैं लेकिन अभी ट्रेनिंग का इंतजार है।
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पात्रों ने अस्पताल पहुंचकर गोल्डन कार्ड प्राप्त करना शुरू कर दिया है। संसाधनों में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। चिकित्सकों के अभाव को लेकर भी उच्चाधिकारियों को लगातार अवगत करा रहे हैं। उम्मीद है योजना का शुभारंभ होने पर चिकित्सकों की भी तैनाती होगी।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
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जिला महिला अस्पताल में भी संसाधनों का अभाव है। आलम यह है कि मात्र दो विशेषज्ञ होने के चलते जिला महिला अस्पताल में सिर्फ प्रसव केंद्र बनकर रह गया है। यहां चिकित्सकों की कमी के कारण अधिकांश बीमारियों के लिए महिलाओं को आगरा और अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में जिला महिला अस्पताल में आयुष्मान योजना परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। बता दें कि आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क होगा।
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सरकारी अस्पताल में बनने लगे गोल्डन कार्ड
जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में पात्रों को गोल्डन कार्ड मिलना शुरू हो गया है। प्रतिदिन एक दो एक दो पात्र सरकारी अस्पताल पहुंचकर अपना अपना कार्ड प्राप्त कर रहे हैं।
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इन विशेषज्ञों के रिक्त है पद
जिला महिला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सका अधीक्षक, दो वरिष्ठ परामर्शदाता, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, पैथोलोजिस्ट, निश्चेतक, रेडियोलोजिस्ट, ईएमओ, बाल रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त है।
ट्रेनर के आने का इंतजार
योजना को संचालित करने के लिए हर जिले में एक कार्यदायी संस्था की ओर से कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जानी है। इसके लिए जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में आरोग्य मित्र तैनात कर दिए गए हैं लेकिन अभी ट्रेनिंग का इंतजार है।
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पात्रों ने अस्पताल पहुंचकर गोल्डन कार्ड प्राप्त करना शुरू कर दिया है। संसाधनों में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। चिकित्सकों के अभाव को लेकर भी उच्चाधिकारियों को लगातार अवगत करा रहे हैं। उम्मीद है योजना का शुभारंभ होने पर चिकित्सकों की भी तैनाती होगी।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ