{"_id":"5a81d6094f1c1b3c718b4639","slug":"21518458377-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर्सिंग होम में बच्चा बदलने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नर्सिंग होम में बच्चा बदलने का आरोप
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेवर। कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद बच्चा बदलने की बात को लेकर घंटों हंगामा हुआ। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि अस्पताल स्टाफ ने उनके बच्चे को बदलकर लड़के की जगह लड़की दे दी है। हालांकि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजनों ने किसी प्रकार की तहरीर देने से मना कर दिया।
थाना बेवर के गांव बहदीनपुर निवासी रविप्रताप सिंह की पत्नी मोहिनी को सोमवार सुबह करीब ढाई बजे प्रथम प्रसव पीड़ा हुई तो घर वाले उसे लेकर कस्बा बेवर स्थित जानकी क्लीनिक एंड नर्सिंग होम पहुंचे। अस्पताल स्टाफ द्वारा बताया गया कि मोहिनी को सुबह छह बजकर दो मिनट पर प्रसव हुआ।
पीड़ित द्वारा बताया गया कि प्रसव के बाद उसे लड़का बताकर नेग के रूप में सौ रुपये लिए गए। रविप्रताप प्रसव के बाद वापस गांव चला गया और घर में लड़का होने की सूचना दे दी। बाद में रविप्रताप की पत्नी के साथ उसकी चाची रीता ने फोन करके बताया कि लड़का नहीं लड़की हुई है। इस बात को लेकर परिजन अस्पताल पहुंच कर बच्चा बदलने की बात कहकर हंगामा करने लगे। परिजनों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह पीलवान ने दोनों पक्षों से बात की। रवि प्रताप ने लिखित में तहरीर देने से मना कर दिया और कहा कि वह किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहता है।
दो अन्य महिलाओं का भी कराया गया प्रसव
इस निजी अस्पताल में कस्बा बेवर के मोहल्ला काजीटोला तथा ग्राम खजुरिया की दो महिलाओं को रविवार सात बजे तथा सोमवार साढ़े चार बजे प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान इन दोनों को लड़का पैदा होना बताया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि अस्पताल स्टाफ ने उन्हीं में से किसी का बच्चा बदल दिया है।
चिकित्सक ने दी अपनी सफाई
अस्पताल संचालन करने वाले चिकित्सक डा. पुष्पेंद्र ने बताया कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया गया है। उनके ऊपर बेवजह गलत आरोप लगाए गए हैं। वे किसी भी हद तक जांच कराने को तैयार हैं।
मामले की जानकारी मिली है। एसीएमओ को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
डा. अरविंद कुमार गुप्ता, सीएमओ मैनपुरी
विज्ञापन
थाना बेवर के गांव बहदीनपुर निवासी रविप्रताप सिंह की पत्नी मोहिनी को सोमवार सुबह करीब ढाई बजे प्रथम प्रसव पीड़ा हुई तो घर वाले उसे लेकर कस्बा बेवर स्थित जानकी क्लीनिक एंड नर्सिंग होम पहुंचे। अस्पताल स्टाफ द्वारा बताया गया कि मोहिनी को सुबह छह बजकर दो मिनट पर प्रसव हुआ।
विज्ञापन
पीड़ित द्वारा बताया गया कि प्रसव के बाद उसे लड़का बताकर नेग के रूप में सौ रुपये लिए गए। रविप्रताप प्रसव के बाद वापस गांव चला गया और घर में लड़का होने की सूचना दे दी। बाद में रविप्रताप की पत्नी के साथ उसकी चाची रीता ने फोन करके बताया कि लड़का नहीं लड़की हुई है। इस बात को लेकर परिजन अस्पताल पहुंच कर बच्चा बदलने की बात कहकर हंगामा करने लगे। परिजनों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह पीलवान ने दोनों पक्षों से बात की। रवि प्रताप ने लिखित में तहरीर देने से मना कर दिया और कहा कि वह किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहता है।
दो अन्य महिलाओं का भी कराया गया प्रसव
इस निजी अस्पताल में कस्बा बेवर के मोहल्ला काजीटोला तथा ग्राम खजुरिया की दो महिलाओं को रविवार सात बजे तथा सोमवार साढ़े चार बजे प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान इन दोनों को लड़का पैदा होना बताया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि अस्पताल स्टाफ ने उन्हीं में से किसी का बच्चा बदल दिया है।
चिकित्सक ने दी अपनी सफाई
अस्पताल संचालन करने वाले चिकित्सक डा. पुष्पेंद्र ने बताया कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया गया है। उनके ऊपर बेवजह गलत आरोप लगाए गए हैं। वे किसी भी हद तक जांच कराने को तैयार हैं।
मामले की जानकारी मिली है। एसीएमओ को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
डा. अरविंद कुमार गुप्ता, सीएमओ मैनपुरी