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छोटे उद्योगों ने बीस प्रतिशत माल खरीदा अब जरुरी
Updated Tue, 06 Feb 2018 11:48 PM IST
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उद्याोग
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। एमएसएमई विकास संस्थान द्वारा सोमवार को फिरोजाबाद क्लब लि. में राज्यस्तरीय वेंडर विकास कार्यक्रम पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें उद्यमियों को सरकारी खरीद नीति के बारे में जानकारी दी गई।
एमएसएमई विकास संस्थान के असिस्टेंट डायरेक्टर विजय सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा एमएसएमई के अंतर्गत छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाई गई है। योजना के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को उद्योग आधार बनवाना होगा।
इसके उपरांत एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एमएसएमई में रजिस्ट्रर्ड कंपनी को शासन द्वारा निर्धारित सरकारी संस्थाओं, छोटे उद्योगों से 20 प्रतिशत तैयार माल खरीदना अनिवार्य होगा।
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इसमें चार प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए कोटा निर्धारित है। उन्होंने बताया कि योजना मुख्य मकसद है कि छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिले। जब बड़ी कंपनियों छोटे उद्योगों से माल खरीदेंगी, तो उन्हेें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
उद्यमियों ने कहा कि पहले इस योजना को पूरी तरह समझना होगा। इसके क्या नियम हैं। कुछ उद्यमियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, जिससे आसानी से समझा जा सके। वहीं कुछ उद्यमियों ने उद्योग के विकास के लिए बड़े प्रोजेक्ट लाने की मांग भी उठाई।
सेमिनार में एसबीआई के मुख्य प्रबंधक राजीव सिंह गौतम, डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई एसके मीना, इंडियन टूरिज्म कारपोरेशन के प्रतीक मीना, राष्ट्रीय लघु उद्योग के ब्रांच मैनेजर पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, उद्यमी प्रदीप गुप्ता, राजकुमार मित्तल, मुकेश बंसल, टोनी, मनीष बंसल, धर्मेंद्र मोहन गुप्ता, मोहित अग्रवाल, निखिल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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एमएसएमई विकास संस्थान के असिस्टेंट डायरेक्टर विजय सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा एमएसएमई के अंतर्गत छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाई गई है। योजना के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को उद्योग आधार बनवाना होगा।
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इसके उपरांत एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एमएसएमई में रजिस्ट्रर्ड कंपनी को शासन द्वारा निर्धारित सरकारी संस्थाओं, छोटे उद्योगों से 20 प्रतिशत तैयार माल खरीदना अनिवार्य होगा।
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इसमें चार प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए कोटा निर्धारित है। उन्होंने बताया कि योजना मुख्य मकसद है कि छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिले। जब बड़ी कंपनियों छोटे उद्योगों से माल खरीदेंगी, तो उन्हेें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
उद्यमियों ने कहा कि पहले इस योजना को पूरी तरह समझना होगा। इसके क्या नियम हैं। कुछ उद्यमियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, जिससे आसानी से समझा जा सके। वहीं कुछ उद्यमियों ने उद्योग के विकास के लिए बड़े प्रोजेक्ट लाने की मांग भी उठाई।
सेमिनार में एसबीआई के मुख्य प्रबंधक राजीव सिंह गौतम, डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई एसके मीना, इंडियन टूरिज्म कारपोरेशन के प्रतीक मीना, राष्ट्रीय लघु उद्योग के ब्रांच मैनेजर पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, उद्यमी प्रदीप गुप्ता, राजकुमार मित्तल, मुकेश बंसल, टोनी, मनीष बंसल, धर्मेंद्र मोहन गुप्ता, मोहित अग्रवाल, निखिल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।